नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल में भाषण देती मुदिता मिश्रा
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हिंदी में भावों की अभिव्यक्ति बेहतर तरह से हो सकती है। यही नहीं लोग भी हिंदी भाषा से ज्यादा बेहतर तरह से जुड़ पाते हैं। ये कहना है नेशनल यूथ पार्लियामेंट की विजेता मुदिता मिश्रा का। वह 20 अंग्रेजी भाषी प्रतिभागियों को पछाड़ हिंदी के साथ आगे बढ़ीं और विजेता बनीं।
युवाओं की क्षमता को पहचानने और उन्हें आगे लाने के उद्देश्य से नेशनल यूथ पार्लियामेंट का आयोजन पिछले दो साल से हो रहा है। इसमें शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को हिंदी या अंग्रेजी भाषा में किसी भी दिए टॉपिक पर भाषण देना होता है।
स्क्रीनिंग, जिला स्तर, राज्य स्तर के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए प्रतिभागियों को अलग-अलग विषय पर भाव व्यक्त करने होते हैं। पिछली बार के तीनों विजेता अंग्रेजी माध्यम के थे लेकिन इस बार हिंदी भाषा आगे रही। हिंदी में दिया गया मुदिता का भाषण सर्वश्रेष्ठ भाषण में चुना गया।
हालांकि द्वितीय और तृतीय स्थान पर अंग्रेजी भाषा के प्रतिभागी रहे। मुदिता कहती हैं कि 29 राज्यों के प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था जिसमें मात्र नौ प्रतिभागियों (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, त्रिपुरा, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और केरल) ने हिंदी भाषा चुनी थी।