आरोपी के खिलाफ उसके पिता रोशन सिंह ने पत्नी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी के बड़े भाई अंकुर सिंह को सेवानिवृत्त फौजी ताऊ लाल सिंह ने गोद ले रखा था, जबकि हिमांशू मां व पिता के साथ रहता था। करीब डेढ़ साल से ऑनलाइन जूपी गेम एप पर हिमांशू जुआ खेलता था। वह चार लाख रुपये कर्ज लेकर हार चुका था। उससे कर्ज वापसी का लोग दबाव बना रहे थे।
उसके घर में करीब 25 दिन पहले निर्माण कार्य चल रहा था। मृतका प्रभा को फोन पर जेठानी संत कुमारी ने कहा था कि मजदूरों की नजर से बचाकर जेवरात रखे। इसका पता हिमांशू को लगा था। उसने कर्ज चुकाने के लिए धीरे-धीरे जेवरात चोरी कर बेच डाले। इसका पता मां प्रभा व पिता रोशन को लगा। दोनों बेटे पर जेवरात लाने का दबाव बनाने लगे। उसकी 20 फरवरी को मां व पिता ने पिटाई भी की।
यमुना नदी किनारे टीले में छिपाया था शव
उसे लगा कि मां व पिता की हत्या कर देगा तो इस झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। पिता के 21 फरवरी को राजापुर हनुमान मंदिर चले जाने के बाद मां की भूसे की कोठरी में चारा कतरते समय कपड़े की रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। भूसे की झाल में शव लपेटकर टैक्टर ट्राली में रखा और यमुना नदी किनारे टीले में छिपाया था। उसने रात को पिता की हत्या का प्रयास किया, लेकिन असफल हो गया। वह रात को ही छत के रास्ते से भाग निकला था। उसने दिसंबर माह में मां व पिता का बीमा भी कराया था। मां व पिता की मौत से बीमा का फायदा मिलना था।
गुरुग्राम में गांव के युवक के पास जाकर छिपा था
पुलिस सूत्रों के अनुसार मां का हत्यारा गांव से भागने के बाद सुबह गलेहरा गांव पहुंचा था। बस पकड़ने के बाद खागा आया। खागा से कानपुर रोडवेज से पहुंचा। कानपुर से ट्रेन पकड़ने के बाद हरियाणा प्रांत के गुरुग्राम पहुंचा। वहां अढ़ौली गांव युवक मजदूरी करता है। उसके पास रुका था। उसका ही मोबाइल इस्तेमाल कर गांव की खैर-खबर मित्रों से ले रहा था। इसी क्रम में पुलिस को उसकी लोकेशन मिली और धरा गया।