जेल से निकलकर वापस देने का भरोसा दिया
28 फरवरी 2018 को जब वह जेल से छूटकर बाहर निकली तो पता चला कि हत्या के एक मामले में बेटी जेल में बंद है। मिलने गईं और अपनी अमानत के बारे में पूछा, तो बेटी ने जेल से निकलकर वापस देने का भरोसा दिया। हालांकि बाद में जब मंजू को उम्रकैद की सजा हो गई तो वह दुख जताने बेटी के पास जेल गईं।
उमक्रैद से बड़ी क्या ही सजा होगी
इस दौरान जेवर लौटाने के बारे में कहा तो उसने मना कर दिया। कहा कि उसके पास कोई जेवर नहीं है। जो दिया भी है उसे भूल जाओ। कहा कि वह जेवर वापस नहीं करेगी। उमक्रैद से बड़ी क्या ही सजा होगी। थाना प्रभारी जूही मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर वृद्धा की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।