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Kanpur: जेल मिलने गई मां ने जेवर मांगे, बेटी बोली- भूल जाओ…उम्रकैद से बड़ी क्या सजा होगी, जानें पूरा मामला

Tue, 07 Jan 2025 11:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: 28 फरवरी 2018 को जब वह जेल से छूटकर बाहर निकली, तो पता चला कि हत्या के एक मामले में बेटी जेल में बंद है। मिलने गईं और अपनी अमानत के बारे में पूछा, तो बेटी ने जेल से निकलकर वापस देने का भरोसा दिया।
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जेल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जूही थाने में सोमवार को एक रोचक मामला सामने आया। एक मामले में जेल जाने से पहले एक वृद्धा ने जेवरों को अपनी जिस बेटी को सौंपा था, उसे भी हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा हो गई। इस बीच साल भर बाद जेल से छूटकर आई मां ने मिलाई के दौरान अपनी अमानत वापस मांगी, तो बेटी ने देने से इंकार कर दिया।

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परेशान मां ने सोमवार को थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। जूही नयापुरवा निवासी वृद्धा सावित्री देवी पर एक आपराधिक मामला न्यायालय में चल रहा था। इसमें उन्हें 18 जनवरी 2017 को जेल भेज दिया गया। जेल जाने से दो दिन पहले उन्होंने अपने जेवर और गृहस्थी का सारा सामान बेटी मंजू के पास रखवा दिया।

जेल से निकलकर वापस देने का भरोसा दिया
28 फरवरी 2018 को जब वह जेल से छूटकर बाहर निकली तो पता चला कि हत्या के एक मामले में बेटी जेल में बंद है। मिलने गईं और अपनी अमानत के बारे में पूछा, तो बेटी ने जेल से निकलकर वापस देने का भरोसा दिया। हालांकि बाद में जब मंजू को उम्रकैद की सजा हो गई तो वह दुख जताने बेटी के पास जेल गईं।

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उमक्रैद से बड़ी क्या ही सजा होगी
इस दौरान जेवर लौटाने के बारे में कहा तो उसने मना कर दिया। कहा कि उसके पास कोई जेवर नहीं है। जो दिया भी है उसे भूल जाओ। कहा कि वह जेवर वापस नहीं करेगी। उमक्रैद से बड़ी क्या ही सजा होगी। थाना प्रभारी जूही मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर वृद्धा की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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