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प्यार में पहले धोखा और अब मिली मौत, दो साल तक चले प्रेम-प्रसंग के बाद शादी से मुकरा था फौजी

Wed, 04 Mar 2020 07:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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अंजली की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज जिले में छिबरामऊ थाना के नौगांई निवासी अंजली की किस्मत में शायद प्यार नहीं था। जिससे उसने प्यार किया, उसी ने धोखा दे दिया। जिद और जुनून की हद तक मामला पहुंचा तो पुलिस को बीच में पड़ना पड़ा। मजबूरी में विपिन ने शादी तो कर ली लेकिन दोनों के रिश्ते में ऐसी गांठ पड़ी जो अंजली को मौत के दरवाजे तक लेकर चली गई।
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मैनपुरी में मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड ने नौर्गाइं के लोगों को हिला दिया। घटना की जानकारी पर परिजन मैनपुरी के लिए दौड़ पड़े। विपिन फौज में नौकरी कर रहा है। वर्तमान में लद्दाख में तैनात है। प्यार में धोखे और मौत की यह कहानी नौर्गाइं निवासी राजकिशोर शाक्य की बेटी अंजली उर्फ अंजू की है।

अंजू का प्रेम प्रसंग मैनपुरी जनपद के थाना बिछवां के गांव हेमपुरा निवासी विपिन कुमार के साथ चल रहा था। विपिन फौज में नौकरी करता है। वर्तमान में लद्दाख में तैनात है। परिजनों ने दोनों की शादी तय कर दी थी। बाद में विपिन ने शादी से इनकार कर दिया। 31 अगस्त 2018 को अंजू उर्फ अंजली ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि विपिन कुमार पुत्र पुष्पेंद्र ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए।

जब वह गर्भवती हो गई तो दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। उसके परिजनों ने सगाई में 51 हजार की नगदी, सोने की अंगूठी शगुन के तौर पर दी थी। बाद में विपिन ने प्लाट खरीदने की बात बताई तो पिता ने तीन लाख रुपये और दे दिए। पति विपिन, जेठ रोहित, ससुर पुष्पेंद्र व सास धन देवी 25 लाख रुपये की मांग करने लगीं।

मांग पूरी न होने पर इन लोगों ने शादी तोड़ दी। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विपिन कुमार ने खुद को फंसता देखा तो अंजली से शादी कर ली। बस यहीं से दोनों के संबंधों में ऐसी दरार पड़ी जो दोनों ओर से खत्म नहीं हो सकी। शादी के चार माह तक तो ठीक रहा, बाद में विपिन ने साथ रखने से इंकार कर दिया।

26 फरवरी को अंजू ससुराल गई थी। बताते हैं कि बेटी का हालचाल लेने अंजली की मां सुखदेवी भी उसकी ससुराल गई थीं। यहां मंगलवार देर रात अंजली के साथ उसकी मां सुखदेवी को भी मौत के घाट उतार दिया गया।
 

पुलिस सुन लेती तो बच जाती जान
परिजनों ने बताया कि अंजू ने छिबरामऊ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया तो विपिन शादी के लिए तैयार हो गया। उसने शादी भी कर ली। इसके बाद पुलिस ने 25 नवंबर 2018 को एफआर लगा दी। परिवार में झगड़ा होने के बाद अंजू लगातार अधिकारियों की चौखट पर हाजिरी लगाती रही, हर बार मायूसी हाथ लगी। अगर पुलिस अंजली की शिकायत पर कार्रवाई करती तो शायद जान बच जाती।

एडीजी जोन के आदेश पर हुई थी दोबारा विवेचना
पति के ठुकराने के बाद अंजू अपने परिजनों के साथ एडीजी जोन के सामने पेश हुई। इसके बाद एडीजी जोन ने एसपी कन्नौज को मामले की दोबारा विवेचना कराने के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर 23 जुलाई 2019 को सिटी इंचार्ज हरिओम गुप्ता ने जांच शुरू की। 12 नवंबर 2019 को एफआर लगा दी।
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दो जिंदगियों पर भारी पड़ी अधिकार की जंग
शादी के बाद पति के ठुकराने के बाद भी अंजू ने हार नहीं मानी। वह अपने अधिकार के लिए लड़ती रही। उसकी यह जंग दो जिंदगियों पर भारी पड़ी। अंजू के साथ उसकी मां सुखदेवी को भी जान से हाथ धोना पड़ गया। परिजनों के मुताबिक 31 अगस्त को अंजू के पति व ससुरालीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद ससुरालियों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। विपिन कुमार ने रिपोर्ट होने के बाद अंजू से शादी कर ली। 11 सितंबर को अंजू न्यायालय में पेश हुई। वह  बयान से पलट गई। इसके बाद ससुरालियों का उसके प्रति व्यवहार बदल गया। परिजनों का कहना है कि अंजू ने अपने बयान न बदले होते तो शायद न तो वह जिंदगी से हाथ धोती और न उसकी मां। पति के साथ रहने की चाह में अंजू संघर्ष करती रही। इसका अंजाम इतना वीभत्स होगा यह किसी ने नहीं सोचा था।
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पति के कहने पर ससुराल गई थी अंजू
परिजनों के मुताबिक गुरुवार को अंजू पति विपिन कुमार के कहने पर ससुराल गई थी। ससुरालीजनों ने उसे घर में नहीं घुसने दिया। मामला इतना तूल पकड़ा कि बिछवां पुलिस गांव पहुंच गई। पुलिस अंजू व उसकी जेठानी को थाने ले आई। अंजू मायके जाने के लिए तैयार नहीं थी। वह ससुराल जाने की जिद पर अड़ी थी। सोमवार को पुलिस अंजू को उसकी ससुराल लेकर गई। उसे घर में पहुंचा दिया। मंगलवार को अंजू की मां सुखदेवी उसके कपड़े लेकर हालचाल जानने उसकी ससुराल पहुंचीं। यहां वह रुकी थीं। मंगलवार की देर रात दोनों की अंजू के देवर ने हंसिया से काटकर हत्या कर दी।
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