कानपुर देहात। प्रदेश सरकार के बजट ने बेसिक शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए 77,622 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसमें डीबीटी के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से कक्षा आठ तक के अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को निशुल्क यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता, मोजा एवं स्टेशनरी उपलब्ध कराए जाने, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, मानदेय और संविदा कर्मियों के लिए लाई गई कैशलेस चिकित्सा योजना आदि शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने कैशलेस चिकित्सक के लिए 358 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए है। इससे जिले के 813 माध्यमिक, 4553 बेसिक शिक्षक, 1770 शिक्षामित्र, 197 अनुदेशक, 2526 रसोइया और 20 केजीबीवी शिक्षक लाभांवित होंगे।
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बालिकाओं की आसान होगी पढ़ाई, रुकेगा ड्राॅप आउट
प्रत्येक विकासखंड में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की स्थापना स्वागत योग्य है। प्राथमिक शिक्षा के बाद जूनियर विद्यालय गांव से दूर होने के कारण और बालिकाओं की सुरक्षा की चिंता के कारण उनका ड्रॉप आउट हो रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के लिए बालिकाओं को पढ़ाना अब आसान होगा। - पुनीता पालीवाल, महामंत्री, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
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कैशलेस चिकित्सा से पहुंचेगा फायदा
कैशलेस चिकित्सा के लिए बजट का प्रावधान स्वागत योग्य है। विद्यालय की रसोइया, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को शामिल कर मुख्यमंत्री ने कम आय वर्ग के लोगों को इस योजना का फायदा पहुंचाया है। सभी शिक्षक दिल खोलकर इसका स्वागत करते हैं। - शर्मिष्ठा मलिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिला शिक्षक संघ
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सरकार के बजट से बेहतर होगी बेसिक शिक्षा
जनपद में एक मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में दो मॉडल कंपोजिट विद्यालय के रूप में विकसित होने से गरीब, मेधावी और वंचित वर्ग के छात्रों को उच्च गुणवत्ता और सुविधाओं से युक्त विद्यालयों में पढ़ने का मौका मिलेगा। निजी विद्यालयों की मनमानी खत्म होगी। प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट स्कूल और कैशलेस चिकित्सा हेतु बजट आवंटन स्वागत योग्य है। - अनंत त्रिवेदी, एसआरजी
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जर्जर शौचालय, किचनशेड का हो सकेगा पुनरुद्धार
कुछ विद्यालयों में स्थित किचन शेड और शौचालय की हालत जर्जर है। सुरक्षा ऑडिट के बाद अनुरक्षण के लिए जारी 300 करोड़ जर्जर शौचालय के पुनरुद्धार में काम आएगा। बालिकाओं की दैनिक उपस्थिति क्रियाशील शौचालय के न होने से काफी प्रभावित होती है। - अरुणेंद्र सिंह, जिला मंत्री, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ