इटावा। मानसून आने को तैयार है, लेकिन अभी तक सभी नालों की सफाई नहीं हो सकी है। लगभग 40 नालों पर कब्जे होने की वजह से तली झाड़ नाला सफाई कराने में नगर पालिका को परेशानी आ रही है। हालांकि नगर पालिका का दावा है कि 15 जून तक सभी नालों की सफाई करा दी जाएगी, लगभग 50 प्रतिशत नालों की 14 दिन में सफाई कराना चुनौती है।
शहर में जलनिकासी के लिए लगभग 30 बड़े नाले हैं। वहीं छोटे नालों समेत कुल 77 नाले हैं। इसके बावजूद हर साल बारिश के दिनों में जल निकासी की समस्या रहती है। शहर के कई मोहल्लों में नाले ओवरफ्लो होने के बाद परेशानी होती है। इस बार नगर पालिका की ओर से नालों की सफाई आचार संहिता से पहले ही नाला सफाई शुरू करा दी थी। इसके लिए शहर में चार गैंग लगाई गई है। प्रतिदिन चार गैंग अलग-अलग क्षेत्रों में नाला सफाई कर रही हैं। इसके बावजूद अभी तक नाला सफाई पूरी नहीं हो सकी है।
आचार संहिता से पहले नगर पालिका चेयरमैन ने नालों पर कब्जे का मुद्दा उठाया था। कई जगहों पर कब्जे तुड़वाकर सफाई भी कराई थी, लेकिन विरोध शुरू हो गया था। ऐसे में नगर पालिका की टीमें इन नालों में सिर्फ ऊपर से ही सफाई करके चली आ रही थी। चेयरनमैन ज्योति गुप्ता ने इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराते हुए एक नोडल अधिकारी बनाकर नालों से कब्जा हटवाने की मांग की थी। बताया था कि कब्जों की वजह से मशीनें न पहुंच पाने की वजह से तली झाड़ सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने चुनाव के बाद नोडल तैनात करने का आश्वासन दिया था। अभी तक नोडल न मिल पाने की वजह से शहर के करीब 40 नालों में तली झाड़ सफाई नहीं हो सकी है। ऐसे में इस बार भी शहरवासी जलभराव की समस्या से जूझ सकते हैं।
इन बड़े नालों पर हैं कब्जे:::
मेवाती टोला, नौरंगाबाद, रामलीला रोड का शिवम टॉकीज के पास नाला, पुराना बस स्टैंड का नाला, अरविंद पुल के पास नाला, न्यू हिं टॉकीज के पास नाला, घटिया अजमत अली, पुरविया टोला का नाला, गांधी नगर का नाला समेत करीब 40 नाले हैं।
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इन मोहल्लों में होता है हर साल जलभराव::::
आईटीआई चौराहा, घटिया अजमत अली, रामनगर शहरिया, रामलीला रोड, अड्डा जालिम, हर्ष नगर की पुलिया समेत लगभग 12 मोहल्लों में हर साल जलभराव की समस्या रहती है।
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नालों की सफाई कराई जा रही है। 15 जून तक सभी नालों की सफाई करा दी जाएगी। कब्जे वाले नालों की सूची उच्चाधिकारियों के संज्ञान में डाल दी गई है। जल्द ही नालों से कब्जा भी हटवाया जाएगा।
विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ