अब तक नहीं हुआ है समाधान
बताया कि बंदर और गोवंश की समस्या को लेकर अधिकारियों को कई बार अवगत कराए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बताया कि कुछ दिन पूर्व ही गोवंश के हमले से समाजसेवी रामदास तिवारी की मृत्यु हो गई थी। जबकि बंदरों के हमले की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। बंदरों के बढ़ते आतंक की वजह से कपड़े भी खुले में नहीं सुख पा रहे हैं। पता नहीं कब बंदर इन्हें उतार ले जाएं।