राजपुर। नगर में बंदरों का उत्पाद बढ़ता जा रहा है। इन दिनों खूंखार हुए बंदरों का झुंड राह चलते लोगों और स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को आए दिन काटकर जख्मी कर रहे हैं। बंदर दो महिला और मासूम को जख्मी कर चुके हैं। हैरानी की बात है कि बंदरों को काबू करने और इन्हें पकड़ने के कोई इंतजाम नहीं है।
बंदरों के आतंक से आम लोग दहशत में हैं। कस्बे में सैकड़ों बंदरों ने लोगों को परेशान कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदर अचानक घरों के बाहर बैठे लोगों, खासकर बच्चों पर हमला कर देते हैं। कई बच्चे और लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। जिनमें से कुछ का इलाज अभी भी चल रहा है। अशोक नगर निवासी साधना गुप्ता (65) बृहस्पतिवार को घर के दरवाजे बैठी थी। इस बीच बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर हाथ और गर्दन में काटकर जख्मी कर दिया। शोर सुनकर दौड़े आसपास के लोगों ने बमुश्किल बंदरों को भगाया। साधना को पीएचसी में भर्ती कर इलाज कराया गया।
वहीं, शुक्रवार सुबह दीनदयाल नगर निवासी माधव सिंह के बेटा नैतिक (10) पड़ोसी शिवम के साथ स्कूल पढ़ने जा रहा था। अचानक गली में बैठे बंदरों के झुंड ने नैतिक पर हमला कर जख्मी कर दिया। परिजनों ने जख्मी नैतिक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बंदरों के हमले में लोगों में भय व्याप्त है। बंदरों के डर से लोग घरों के सामने जालियां लगवा रहे हैं। मुखर्जी नगर निवासी दीपक मिश्रा, रामू कटियार, अशोक नगर के राजेश, प्रवीण कुमार और लोहिया नगर के अरशद मंसूरी ने बताया कि नगर पंचायत के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बंदरों को पकड़ने की मांग की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी नीति त्रिपाठी ने बताया कि बंदरों को पकड़वाने की रणनीति बनाई गई है। मथुरा से टीम बुलाई जा रही है जो बंदरों को पकड़ कर उचित स्थान पर छोड़ेगी।