हेड मोहर्रिर के खिलाफ दर्ज कराई थी एफआईआर
कई बार बुलाने पर तिवारी कानपुर आया, लेकिन गायब सामान की जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद से वह बुलाने पर भी नहीं आ रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद थानाप्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ ही तत्कालीन हेड मोहर्रिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उधर, सीपी ने मामले की प्रारंभिक जांच डीसीपी क्राइम/साउथ आशीष श्रीवास्तव को दी थी। डीसीपी की प्राथमिक जांच में तत्कालीन हेड मोहर्रिर दोषी पाए गए।
कार्रवाई से पहले नोटिस भेज बयान के लिए बुलाया गया
अब ज्वाइंट सीपी विपिन मिश्रा ने पुलिस कमिश्नर लखनऊ को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। तिवारी को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया गया है। बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार दिनेश के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। अगर नोटिस के बाद भी बयान देने नहीं पहुंचा तो उसी को आधार बनाकर बर्खास्तगी की कार्रवाई कर दी जाएगी।