बीच में राजस्व विभाग की 35.23 हेक्टेयर भूमि आ आई थी। अब इस भूमि की अदला-बदली की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एक रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरा किया जाना है। गुरुवार तक यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई गई है। बताया गया कि यहां पर करीब छह हजार करोड़ का निवेश आएगा। इसके अलावा प्रत्यक्ष तौर पर 50 हजार लोगों को और अप्रत्यक्ष तौर पर डेढ़ लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
20 एमएलडी क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा
क्लस्टर में जूते, सैडलरी के अलावा अन्य चमड़ा उत्पादों की फ्लैटेड इकाइयों समेत 175 टेनरियों की स्थापना की जाएगी। मेगा लेदर क्लस्टर के बनने से टेनरियों की बंदी जैसी समस्या का समाधान हो जाएगा। चर्म निर्यात परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरके जालान ने बताया कि 243 एकड़ वाले प्रोजेक्ट में 55 एकड़ में टेनरी स्थापित की जाएंगी। 30 फीसदी ग्रीन बेल्ट होगी। यहां पर 20 एमएलडी क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा।
जमीन की अदला-बदली संबंधी प्रक्रिया अंतिम चरण में
इसके अलावा प्रदर्शनी स्थल, कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। यहां पर सालाना 13 हजार करोड़ का कारोबार हो सकेगा। उन्होंने बताया कि चुनाव अधिसूचना लागू होने से पहले इसकी नींव पड़ सकती है। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम लेने का प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जमीन की अदला-बदली संबंधी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इससे शहर के चमड़ा उद्योग को खासा लाभ होगा। चमड़ा कारोबारियों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।