अपहरण मामले की जानकारी लेने आईजी पहुंचे
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अगवा किए गए चौरा निवासी नेशनल धर्मकांटा मैनेजर ब्रजेश कुमार का 11 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। अब तक पुलिस फिरौती मांगे जाने वाले मोबाइल की लोकेशन भी ट्रेस नहीं कर सकी है। धर्मकांटा पर सोते समय चौरा गांव निवासी ब्रजेश का अपहरण 16 जुलाई की रात हो गया था।
धर्मकांटा के कमरे के बाहर ताला लगा देखकर उसका रिसीवर नईम 17 जुलाई की सुबह घर में जानकारी करने गया था। इसके बाद ब्रजेश के मोबाइल नंबर पर चचेरे भाई सर्वेश ने कई बार फोन मिलाया तो फोन बंद बताता रहा। इसके थोड़ी देर बाद मोबाइल ऑन हो गया था।
इसी दौरान सर्वेश के मोबाइल पर ब्रजेश के मोबाइल से फोन आया और कहा गया कि पांच दिन में 20 लाख रुपये का इंतजाम करके दे दो। इसके बाद परिजनों ने सूचना पुलिस को दी। फिरौती की कॉल रिकॉर्डिंग भी दी। तब से पुलिस की कई टीमें ब्रजेश की तलाश में लगी है।
पुलिस की जांच पर उठ रहे हैं सवाल
ब्रजेश के परिजन पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मोबाइल नंबर और कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को दी गई थी। अपने को हाईटेक कहने वाली पुलिस उस नंबर को ट्रेस कर अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने का प्रयास नहीं कर सकी। धर्मकांटा को सील कर आने-जाने वाले लोगों को चिह्नित तक नहीं कर सकी।
आईजी पहुंचे, ली अपहरण मामले की जानकारी
आईजी मोहित अग्रवाल सोमवार शाम अकबरपुर कोतवाली पहुंचे और एसपी अनुराग वत्स से अगवा धर्मकांटा मैनेजर के मामले की जानकारी ली। कहा, मामले का जल्द खुलासा किया जाए।
एसपी ने बताया कि आईजी ने भोगनीपुर क्षेत्र के चौरा के ब्रजेश पाल के अपहरण में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली है। मध्य प्रदेश के ज्योतिषी अपहरण कांड में अब तक की गिरफ्तारी व फरार लोगों के बारे में भी जानकारी ली। उधर, सोमवार को एएसपी अनूप कुमार व सीओ आशा पाल सिंह पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। गांव में पुलिस के अधिकारी व एक टीम ने डेरा डाल लिया है।