सरकार ने हर जिले में कोरोना की अधिक से अधिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिले के लोग जांच से बच रहे हैं। लोगों को आशंका है कि जांच के दौरान चिकित्सक नाक में बड़ी नली डालते हैं। इसी अफवाह के बीच कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला गोविंदगनर में जांच करने गई स्वास्थ्य टीम को महिलाओं ने खदेड़ दिया।
महिलाओं को हाथ में पत्थर लिए देख स्वास्थ्य कर्मी लौट गए। सीएचसी अधीक्षक ने मौके पर जाकर लोगों के भ्रम को दूर कर सभी की सैंपलिंग कराई। स्वास्थ्य कर्मी लैब टेक्नीशियन गौरव, सिद्घार्थ व इरफान रविवार की शाम कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला गोविंदनगर में कोरोना की जांच के लिए लोगों के सैंपल लेने गए थे।
वहां पर महिलाओं व बच्चों से जांच के लिए कहा तो, महिलाओं ने नाक में बड़ी नली डालने की बात कहते हुए जांच कराने से इंकार कर दिया। इस पर स्वास्थ्य टीम ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन महिलाएं नही मानी।
करीब एक दर्जन महिलाओं ने उन्हें खदेड़ने के लिए पथराव का प्रयास किया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी लौट आए और उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ के प्रभारी अधीक्षक डॉ. अंबरीश राजपूत ने स्वास्थ्य टीम के साथ गोविंदनगर जाकर लोगों का भ्रम दूर किया।
उन्होंने एक व्यक्ति की सैंपल लेकर दिखाया। तब महिलाएं कोरोना जांच के लिए तैयार हो हुईं। प्रभारी अधीक्षक का कहना है कि महिलाओं ने किसी प्रकार का कोई पथराव नहीं किया है। भ्रम के चलते जांच कराने का विरोध किया था।