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सुनहरा सियासी सफर: 13 बार पिता-पुत्र के सिर रहा विधायकी का ताज

Sun, 29 Jan 2017 02:17 PM IST
अनूप शुक्ल, अमर उजाला, कानपुर

सार

सात बार विधायक रहे राजेंद्र सिंह, बेटे नरेंद्र सिंह छह बार बन चुके हैं विधायक
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विस्तार
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फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद (परिसीमन के बाद अमृतपुर) विधानसभा क्षेत्र में एक ही परिवार का राज चलता रहा है। यहां 16 बार हुए चुनावों में पिता-पुत्र ने 13 बार विधायकी का ताज पहना है। वैसे तो जिले की सियासत में कई परिवार सक्रिय हैं, लेकिन जीत के मामले में यह परिवार अव्वल है।
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मोहम्मदाबाद सीट पर आजादी के बाद 1951 में हुए पहले चुनाव में राजेंद्र सिंह यादव ने कांग्रेस के टिकट से विधायक बनकर खाता खोला था। इसके बाद सात बार विधायक बने। 35 साल के सियासी सफर में सिर्फ केवल एक बार शिकस्त मिली। वे पहले विधायक थे, जो लगातार चार चुनाव जीते। 1969 में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी विद्यावती ने हराया। अगले ही चुनाव में पलटवार कर निर्दलीय लड़कर विद्यावती को हराया और विधायक की कुर्सी वापस ली।

 
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सुनहरा सियासी सफर

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उनकी विरासत बेटे नरेंद्र सिंह यादव ने 1985 में संभाली। सहानुभूति लहर में नरेंद्र ने 1985 में रिकॉर्ड 82 फीसदी वोट पाकर जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने। तब से छह बार विधायक चुने जा चुके हैं। 33 साल के राजनीतिक सफर में नरेंद्र दो बार (1989 और 1993) हारे।

1989 में वे जनता दल के सुरेश चंद्र यादव से हारे। अगले ही चुनाव 1991 में वापसी करते हुए सुरेश चंद्र को हराकर हिसाब चुकता कर दिया। 1993 में दोबारा हारे पर 1996 में वापसी कर ली। तब से लगातार चार बार विधायक बन चुके हैं।
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