फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद (परिसीमन के बाद अमृतपुर) विधानसभा क्षेत्र में एक ही परिवार का राज चलता रहा है। यहां 16 बार हुए चुनावों में पिता-पुत्र ने 13 बार विधायकी का ताज पहना है। वैसे तो जिले की सियासत में कई परिवार सक्रिय हैं, लेकिन जीत के मामले में यह परिवार अव्वल है।
मोहम्मदाबाद सीट पर आजादी के बाद 1951 में हुए पहले चुनाव में राजेंद्र सिंह यादव ने कांग्रेस के टिकट से विधायक बनकर खाता खोला था। इसके बाद सात बार विधायक बने। 35 साल के सियासी सफर में सिर्फ केवल एक बार शिकस्त मिली। वे पहले विधायक थे, जो लगातार चार चुनाव जीते। 1969 में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी विद्यावती ने हराया। अगले ही चुनाव में पलटवार कर निर्दलीय लड़कर विद्यावती को हराया और विधायक की कुर्सी वापस ली।