कानपुर में मतदान कर्मचारियों की सूची में कई मुर्दे भी शामिल हैं। सूची बनवाने के काम में लगे अफसरों को खबर हुई तो हड़कंप मच गया। अब इनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। विभागों की लापरवाही का आलम यह रहा कि कई सेवानिवृत्त अफसरों और कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगा दी गई।
अबकी बार चुनाव आयोग ने सभी विभागों से अपने कर्मचारियों का डाटा एफपीडीएस सॉफ्टवेयर पर फीड करने को कहा था। यह डाटा फीड होने के बाद जिला निर्वाचन दफ्तर ने अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। अब ऑन लाइट इस लिस्ट में से कटने वाली हर ड्यूटी पर चुनाव आयोग की नजर है। इसलिए बहुत ही बाजिब कारण होने पर ही ड्यूटी काटी जा रही हैं।