कानपुर। स्वरूपनगर निवासी निजी बैंक के लोन रिकवरी कर्मी के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके जालसाजों ने मुंबई में एक फर्म खोली। आरोप है कि तीन महीने में आरोपियों ने स्क्रैप का 35 करोड़ का कारोबार किया। इसके बाद फर्म बंद कर दी। पीड़ित को आयकर विभाग का नोटिस मिला तो होश उड़ गए। स्वरूपनगर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
स्वरूपनगर निवासी निजी बैंक के लोन रिकवरी कर्मी अर्जुन के अधिवक्ता बृजेश सेठ ने पुलिस को बताया कि 2023 में अर्जुन के आधार कार्ड और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर आरोपियों ने मुंबई में एक फर्जी फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया। इसी फर्म के माध्यम से स्क्रैप का माल खरीदा और बेचा गया। आरोपियों ने मात्र तीन महीने से फर्म के माध्यम से 35 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस बीच जीएसटी पंजीकरण विभाग ने फर्म का निरीक्षण किया तो संदिग्ध लेनदेन पाए जाने पर उन्होंने फर्म को रद्द कर दिया। जनवरी 2026 में जब अर्जुन गौतम को आयकर विभाग से नोटिस आया और खरीद-फरोख्त की डिटेल मांगी गई तब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। डीसीपी सेंट्रल से शिकायत की। स्वरूपनगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।