कानपुर। आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी जितेंद्र सिंह ने तीन प्रभारी चिकित्साधिकारियों (एमओआईसी) को नोटिस जारी किया है। पीएचसी में रोगी कल्याण के लिए आए बजट को कम खर्च करने पर भी डीएम ने नाराजगी जाहिर की।
बुधवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में शिवराजपुर, बिल्हौर और भीतरगांव के एमओआईसी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिलाधिकारी की समीक्षा में सामने आया कि जनवरी में अब तक केवल 7,258 नए आयुष्मान कार्ड ही बनाए जा सके हैं। चेतावनी दी कि तीन फरवरी को दोबारा समीक्षा की जाएगी। प्रगति संतोषजनक न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर में अब तक 8,64,021 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 79,533 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके आधार पर इस श्रेणी में कानपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
बैठक में जन आरोग्य समिति के अंतर्गत नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बजट खर्च की स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। ग्वालटोली, जूही, जागेश्वर, बेनाझाबर, सर्वोदय नगर और अनवरगंज यूपीएचसी में आवंटित धनराशि का उपयोग बहुत सीमित पाया गया। वहीं, रामबाग यूपीएचसी की ओर से धनराशि का समुचित उपयोग नहीं होता मिला। जिलाधिकारी ने सात नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिली धनराशि का सही उपयोग नहीं किए जाने पर सीएमओ को निर्देश दिया कि इस संबंध में शासन को पत्र भेजें। बैठक में सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी यादव व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।