थाना क्षेत्र के गांव पूरन पुरवा निवासी चार दिन से लापता युवक की हत्या कर
दी गई। उसका शव गांव एक कुएं में मिला है। छोटे भाई तहरीर पर मामले में
चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। युवक दिल्ली में नौकरी करता था।
घटना के मुताबिक पूरन पुरवा निवासी नवनीत उर्फ कल्लू पांडे (25) पुत्र
जगदीश नारायण पांडे नौ दस मार्च से लापता था, जिसकी सूचना परिजनों पुलिस
को भी दी थी। युवक की मां श्रीकांती ने बताया कि रविवार को नवनीत उर्फ
कल्लू गांव में नौटंकी का प्रोग्राम देखने कप्तान सिंह यादव के साथ गया था,
फिर वह घर वापस नहीं आया।
घर से वह बीस हजार रुपये भी लेकर गया था। लेकिन
उसके शव के साथ उसके रुपये बरामद नहीं हुए। मां ने बताया की पिता की मौत के
बाद परिवार की भरण पोषण की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। वह घर में सबसे
बड़ा था। उसके जाने के पर अब परिवार घोर संकट में आ गया। नवनीत उर्फ कल्लू
दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। जो कि होली से पहले घर आया था और त्योहार
कर दिल्ली वापस जाने की तैयारी कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक
घटना की रात यानी आठ मार्च को नवनीत पांडे उर्फ कल्लू नौटंकी में खूब नाच
रहा था और हाथों गानों पर 100 के नोट उड़ा रहा था और हत्यारोपी युवकों के
साथ नशे चूर था। मां श्रीकांती ने बताया कि नौटंकी के बाद वह कहां गया इसका
पता नहीं चला। उसके बाद उन्होंने पुलिस की लापता होने की सूचना दी।
शुक्रवार सुबह आठ बजे गांव में कप्तान सिंह यादव के कुएं में लोगों ने जैसे
ही शव पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी।
शव की खबर पाकर नवनीत का छोटे भाई
बब्लू, अमित, नमित, और बहनें मीनू, सरिता भी मौके पर पहुंचे और उसे देखकर
दहाड़ें मारकर रोने लगे। मौके पर गांव के लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
मौके पर एएसपी ऋषिपाल सिंह ने भी जाकर जांच की।
थानाध्यक्ष सुनील
कुमार यादव ने बताया कि मृतक के भाई बब्लू की तहरीर पर गांव निवासी कप्तान
सिंंह व उसके भाई औजान सिंह, उमेश सिंह और एक अन्य विजय सिंह खिलाफ हत्या
की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थानाध्यक्ष
ने बताया कि गांव के बीचों जहां नौटंकी हो रही थी वहीं पर पास में कुआं
है। हो सकता है कि दोस्तों में कोई मामूली संघर्ष हुआ हो और वह कुएं में
गिर गया हो। खास बात यह है कि जिस युवक पर हत्या का शक है यह कुआं भी उसी
का है।
मृतक के पोस्टमार्टम के मुताबिक युवक की
हत्या गला घोंटकर की गई है। उसकी चार पसलियां भी टूटीं मिली। शायद हत्या
से पहले हत्यारोपी से संघर्ष भी हुआ हो।