कानपुर में सचेंडी के एक गांव में पांच साल की मासूम से वेटर ने दुष्कर्म किया था। बच्ची की हमउम्र सहेली ने आरोपी को पहचान लिया। उसी के सामने वह मासूम को अपने साथ खेत में ले गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह ने शुक्रवार को बताया कि सचेंडी के एक गांव में बुधवार को शादी समारोह में बच्ची परिवार के साथ गई थी। रात करीब आठ बजे वह सहेली के साथ डीजे के समीप ही बैठी थी। उसी दौरान लापता हो गई। रात साढ़े नौ बजे वह एक खेत में लहूलुहान हालत में मिली थी।
मासूम ने बयान में आरोपी के लाल जैकेट पहने होने की बात कही थी। इसके बाद मासूम की सहेली से बातचीत की गई। उसने आरोपी का हुलिया बताया। साथ ही पुलिस टीम को घटनास्थल तक ले गई। वहां खाने की प्लेट भी मिली।
सहेली ने पुलिस को बताया कि लाल जैकेट वाले अंकल आए थे
पुलिस ने पीड़ित बच्ची व उसकी सहेली के बयान के आधार पर सचेंडी के भैलामऊ निवासी वेटर रवि दिवाकर (20) को दबोचा। उसने जुर्म कबूल लिया। मासूम की सहेली ने आरोपी रवि को पहचान लिया है। उसे दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
कहा था गर्दन काटने ले जा रहा हूं
मासूम की सहेली ने पुलिस को बताया कि लाल जैकेट वाले अंकल आए थे, वह यह कहकर उसकी सहेली को अपने साथ ले गए थे कि इसकी गर्दन काटने ले जा रहा हूं। वह समझी कि अंकल मजाक कर रहे हैं। कोई ऐसा थोड़े नहीं करेगा, इसलिए यह बात किसी को नहीं बताई।
आरोपी ने धो डाले थे हाथ-पैर व कपड़े
रवि ने घटना के बाद अपने हाथ-पैर व कपड़े धो डाले थे, जिससे खून नजर न आए। अफसरों ने फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने उसके हाथ-पैर व कपड़ों का बेंजाडीन टेस्ट किया तो खून के धब्बे उभर आए। उसके पास भांग भी मिली है। टीम ने मौके पर मिले बाल, आरोपी और पीड़ित मासूम के कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है।
मंगलवार को छात्रा से की थी छेड़छाड़
सचेंडी थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के मुताबिक, रवि मनचला किस्म का है। उसने मंगलवार को गांव में रहने वाली एक छात्रा से छेड़छाड़ की थी। छात्रा ने इसकी शिकायत परिजनों व पुलिस से की थी। रवि को छात्रा ने पहचान लिया है।
पीड़िता का इलाज मेडिकल कॉलेज से जुड़े बाल रोग अस्पताल में चल रहा है। उसके परिवार वाले अस्पताल प्रबंधन से नाराज हैं। कहा कि बच्ची की ठीक से देखभाल नहीं हो रही है। यह बात थानेदार ने एसपी ग्रामीण को बताई तो उन्होंने एडीएम फाइनेंस संजय चौहान से बच्ची के इलाज में मदद कराने को कहा। एडीएम ने मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल व डॉक्टरों से बात कर ध्यान देने को कहा है।