यहां दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा गया। इसके बाद आरोपी चाचा को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट में पेश किया गया। यहां सीबीआई के प्रमुख गवाह की मौत के बाद झूठी सूचना देकर शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने के मामले में मृतक के भाई की गवाही प्रक्रिया पूरी की गई।
वहीं अभिलेखों में सफेदा लगाने के प्रकरण में गवाह न्यायालय में पेश हुआ, लेकिन मूल प्रपत्र न लाने के कारण गवाही नहीं हो पाई। इस पर न्यायाधीश ने गवाह को मुकदमे में देरी कराने पर चेतावनी भी दी। इसके बाद पीड़िता के चाचा को एडीजे छह के न्यायालय में पेश किया गया।
यहां आरोपी के वकील अजेंद्र अवस्थी ने चाचा पर दर्ज प्राणघातक हमले के मुकदमे में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। इस मामले में न्यायाधीश ने विवेचक से आख्या मांगी है। चाचा के अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि सभी मुकदमों की सुनवाई अब 24 सितंबर को होगी।
दो थानों की फोर्स व एलआईयू रही मुस्तैद
चाचा की सुरक्षा को लेकर न्यायालय परिसर में सदर कोतवाली के साथ औरास थाने की फोर्स, सीओ बांगरमऊ व पीएसी तैनात की गई थी। वहीं स्वॉट और खुफिया टीमें पहले से कोर्ट पहुंच गईं। पेशी के दौरान किसी को आरोपी चाचा के आसपास नहीं फटकने दिया गया। चाचा को लेकर दिल्ली से आई वैन सीधे सेशन हवालात की ओर चली गई।