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'उद्योग निदेशालय में मंत्री का छापा' नजारा देख बोले...'दफ्तर को खाला का घर समझ रखा है'

Tue, 27 Nov 2018 08:13 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मंत्री सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
कानपुरः सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने सप्ताह के पहले कार्य दिवस सोमवार को सुबह 9:30 बजे उद्योग निदेशालय का निरीक्षण कर विभागीय कार्यप्रणाली की पोल खोल दी। मंत्री के निरीक्षण के समय उद्योग निदेशक के. रवींद्र नायक समेत एक भी अफसर दफ्तर में नहीं मिला। इसके अलावा करीब 80 फीसदी कर्मचारी भी गायब थे। इस पर उद्योग मंत्री ने नाराजगी जताई। बोले, अफसरों और कर्मचारियों ने दफ्तर को खाला का घर समझ रखा है। उन्होंने सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची लखनऊ भेजने और एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। 
 
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मंत्री सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
उद्योग निदेशालय में मंत्री ने सभी अनुभागों का निरीक्षक किया। एक दो कर्मचारियों को छोड़कर सभी कमरे खाली मिले। इसके बाद उन्होंने उद्योग निदेशक के कमरे में बैठकर सभी अनुभागों के उपस्थिति रजिस्टर चेक किए। 18 में से 6 अनुभागों केंद्रीय बिल अनुभाग, कार्मिक अनुभाग, जिला उद्योग केंद्र अनुभाग, एमएसएमई अनुभाग, नियुक्ति अनुभाग, चालक अनुभाग के ही उपस्थिति रजिस्टर मिले। जो कर्मचारी गायब थे उनके नाम के सामने क्रॉस का चिह्न लगा दिया। इसके अलावा 11 अनुभागों के उपस्थिति रजिस्टर मिले ही नहीं।
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मंत्री सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
मंत्री ने इन अनुभागों के सभी कर्मचारियों को अनुपस्थित माना। मंत्री के निरीक्षण की सूचना पाकर कुछ कर्मचारी दफ्तर पहुंचे तो उद्योग मंत्री उन पर बिफर पड़े और खरी खरी सुनाकर भगा दिया। बोले, ये खाला का घर नहीं है कि जब मन हुआ मुंह उठाकर चले आए। उद्योग मंत्री के इस औचक निरीक्षण से निदेशालय में दिन भर हड़कंप मचा रहा। हस्तकला अनुभाग-13 में सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। मंत्री ने कहाकि उद्योग विभाग के सभी कार्यालयों में अब बायोमेट्रिक मशीन लगेंगी। अफसरों की वजह से सरकारी योजनाएं जनता तक नहीं पहुंच रहीं। 


 

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सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
चालक रजिस्टर न मिलने पर बताया गया कि चालक तभी इस रजिस्टर में साइन करते हैं जब वे अधिकारियों को दफ्तर तक पहुंचा देते हैं। अधिकारियों के न आने पर चालक भी कार्यालय में नहीं थे। 

 
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सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
उद्योग मंत्री को निरीक्षण के समय अनुपस्थित अधिकारी या कर्मचारी की छुट्टी का प्रार्थना पत्र भी नहीं मिला। यह सूचना भी कहीं दर्ज नहीं थी कि अफसर या कर्मचारी कार्यालय से बाहर किसी दूसरे काम में ड्यूटी पर हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि यदि कोई अफसर और कर्मचारी दफ्तर के काम से बाहर था तो वह साक्ष्य के साथ अपनी बात रख सकता है। 
 
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