कानपुर के चौबेपुर और बिठूर में नोन नदी और गंगा नदी के बीहड़ इलाके खनन माफियाओं के निशाने पर हैं। खनन माफिया रात में लग्जरी गाड़ियों से बीहड़ पहुंचकर मिट्टी की खुदाई कराते हैं। इसके बाद डंपरों और ट्रैक्टर ट्रालियों से चौबेपुर बिठूर मार्ग, बंदीमाता मार्ग, मैनावती मार्ग से बिठूर, सिंहपुर, गंगपुर, रमेलनगर, कल्याणपुर में आपूर्ति करते हैं। पुलिस के आने की सूचना पर गांव की गलियों में ही मिट्टी पलटकर डंपर गुपचुप ढंग से गंगा नदी के पुलों से उन्नाव भेज दिए जाते हैं।
यहां भी हो रहा अवैध खनन
बिल्हौर क्षेत्र के उत्तरीपुरा, मकनपुर सिघौली, नानामऊ, रौगांव, पलिया, खौसापुरवा, विषधन, मैंदों, आईमा, बारंडा, बंभियापुर, गूजेपुर गांव में अवैध खनन जारी है। शिवराजपुर क्षेत्र के अल्लापुर, भसेनी, बेहटा और चौबेपुर विकास खंड क्षेत्र के रिक्खीपुरवा, चौधरीपुर व बूढ़नपुर आदि गांवों में भी अवैध खनन चल रहा है।
भाजपा नेता की जेसीबी, डंपर का अब तक सुराग नहीं
सूत्रों के अनुसार चौबेपुर और बिठूर के एक दर्जन से अधिक गांवों में मिट्टी, रेत और बालू खनन में सपा और भाजपा के पदाधिकारियों के गुर्गों ने गठबंधन कर लिया है। भाजपाई जहां प्रशासनिक अफसरों और स्थानीय पुलिस पर दबाव बनाते हैं, वहीं सपा से जुड़े लोग रातोंरात जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्राली, डंपर से ग्राहक तक मिट्टी खोदकर पहुंचाते हैं।
सिंहपुर, पनऊपूर्वा, कल्याणपुर, बोझा, बंदीमाता, गबड़हा, दुर्गापुर आदि गांवों में दोनों राजनीतिक दलों के लोग खनन में संलिप्त हैं। खनन में संलिप्त पाए जाने वाले भाजपा नेता श्रीकांत तिवारी का बिठूर के एक जनप्रतिनिधि व उसके भाई से गठजोड़ है। यही कारण है कि श्रीकांत की जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्राली तक पुलिस अब तक नहीं बरामद कर सकी है।
खनन के पीछे टोपी लाल और बउवा की बड़ी भूमिका
क्षेत्र में खनन कराने में बउवा और टोपीलाल का नाम सामने आया है। बउवा एक सत्ताधारी विधायक से जुड़ा बताया गया है। वहीं, कन्नौज, उन्नाव और हरदोई जनपद की सीमाओं से लगने वाले नानामऊ क्षेत्र में सपाई गंगा नदी से बालू निकालकर गांव व कस्बों में ट्रैक्टर-ट्राली से होम डिलीवरी करा रहे हैं। वर्तमान में गंगा के एक लंबे भूभाग पर बालू की उठान कर उसे आसपास के गांवों में भेजा जा रहा है। इस काम में क्षेत्रीय दरोगा सहित कई सिपाही भी शामिल हैं।