परिजनों को मुआवजा दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है
कहना था कि और मौके पर डीएम व खदान संचालक को बुलाया जाए। हंगामा बढ़ता देख खदान संचालक व कर्मचारी सभी भाग निकले। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से सभी को समझाया और करीब दो घंटे बाद परिजन शव लेकर कोतवाली चलने को राजी हुए। सीओ का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई व परिजनों को मुआवजा दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
हत्यारे ट्रक पर नहीं थी नंबर प्लेट
मजदूरों ने पुलिस को बताया कि जिस ट्रक से हादसा हुआ, उसमें नंबर प्लेट नहीं है। इसी तरह खदान में कई ट्रकों में नंबर प्लेट न होने के बाद भी उनसे मौरंग ढुलाई का काम किया जा रहा है। चार दिन पहले डीएम की ओर से खदान संचालक पर लाखों का जुर्माना भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं कुछ दिन पूर्व तीन बच्चे भी बेतरतीब खोदाई से हुए गड्ढे के कारण नदी में डूबने से बचे थे।
बहन की शादी में आया था अंकित
अंकित के परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ी बहन व एक छोटा भाई है। पिता ने बताया कि अंकित अपनी बुआ के घर रहता था, फरवरी में बड़ी बेटी की शादी थी। इस वजह से ही वह बरियारी अपने गांव आया हुआ था। क्या पता था कि बेटा हमेशा के लिए उनसे छिन जाएगा।