कानपुर देहात। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित हुए लोगों ने इलाज में लाखों रुपये इलाज में खर्च किए। तब लगभग हर दूसरा व्यक्ति संक्रमित हुआ था। इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। सिर्फ 150 रुपये की दवा में मरीज ठीक हो जा रहा है। यह दवा मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण आते ही व्यक्ति के लंग्स में असर पड़ता था। इससे मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती थी। परिवार के लोग निजी कोविड अस्पतालों में भर्ती कर देते थे। सीएमओ की ओर से 18 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से प्राइवेट अस्पताल में चार्ज लेने के आदेश थे, लेकिन डॉक्टर मरीज को भर्ती करते ही एक से डेढ़ लाख रुपये जमा करा लेते थे। इसके बाद भी चार लाख रुपये तक की वसूली कर लेते थे। इससे व्यक्ति आर्थिक रूप से टूट रहा था और रुपयों के अभाव में मरीज की जान भी जा रही थी। दूसरी लहर में साढ़े पांच हजार लोग संक्रमित मिले और 78 लोगों की जान गई थी। इस बार की स्थिति बिल्कुल अलग है।
तीसरी लहर में अभी तक एक हजार लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें सिर्फ जुकाम, बुखार और खांसी के लक्षण दिखाई दिए हैं। विभाग की ओर से उन्हें कोरोना किट दी जा रही है। यह दवा खाकर मरीज सात दिन से पहले ही ठीक हो जा रहा है। यह किट सरकार की ओर से लगभग 150 रुपये में कंपनी से खरीदी गई है। विभाग की ओर से मरीजों को किट निशुल्क दी जा रही है। अब तक एक हजार से ज्यादा किट मरीजों को दी गई है।
इन अस्पतालों में बनाया गया था कोविड वार्ड
-गौरी अस्पताल नवीपुर, राजावत अस्पताल अकबरपुर, डीएस मेमोरियल अस्पताल रनिया, बीपीएन अस्पताल पुखरायां, जिला अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर में एल वन अस्पताल।
कम गंभीर मरीजों को केंद्रीय विद्यालय में किया जा रहा था भर्ती
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित आने वाले मरीजों में से कम गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए नवीपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय को कोविड वार्ड बनाया गया था। इसमें कम गंभीर मरीज भर्ती किये जा रहे थे।
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कोरोना किट में यह दवा हैं शामिल
एजेथ्रोमाइसिन, डॉक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामॉल, बी काम्पलैक्स, विटामिन सी और डी, आइवरमेक्टिन टेबलेट।
कोरोना की दूसरी लहर में निजी अस्पतालों में लाखों के बिल बनाये जा रहे थे। इस बार कोरोना किट में शामिल दवा खाकर मरीज ठीक हो जा रहा है।
-डॉ. एके सिंह, सीएमओ