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लॉकडाउन में लौटे प्रवासी मजदूर और राजमिस्त्री फांसी पर झूले, दोनों ही आत्महत्याओं का कारण तंगहाली

Fri, 19 Jun 2020 12:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बांदा में लॉकडाउन के दाैरान घर लौटे प्रवासी मजदूरों की आत्महत्या करने का सिलसिला थम नहीं रहा। गुरुवार को एक और प्रवासी ने जान दे दी। इसके अलावा राजमिस्त्री ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिजन आर्थिक तंगहाली और बेरोजगारी बता रहे हैं। 
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बिसंडा थाना क्षेत्र के तेंदूरा गांव में गुरुवार को सुबह प्रवासी मजदूर रज्जू रैदास (21) पुत्र महेश्वरी रैदास ने घर का कमरा बंदकर छत के छल्ले पर कपड़े की रस्सी बनाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। चौकी प्रभारी सुल्तान सिंह घटनास्थल पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

 
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प्रवासी रज्जू वापी (गुजरात) में ड्राइवरी करता था। लॉकडाउन के चलते 25 दिन पूर्व घर आया था। चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। पिता ने बताया कि दो दिन पूर्व महोतरा गांव पत्नी को लेने ससुराल गया था। लेकिन वह नहीं आई। बुधवार को ही रज्जू घर लौट आया था। 

उधर, अतर्रा थाना क्षेत्र के महोतरा गांव निवासी पेशे से राजमिस्त्री ब्रज राघव यादव (36) पुत्र भाईलाल ने बुधवार की देर शाम अपने कच्चे घर में धन्नी में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पिता भाईलाल ने बताया कि लॉकडाउन के चलते काम नहीं मिल रहा था। इससे घर में आर्थिक तंगी थी।

पत्नी मायके में है। दो बीघा जमीन है। उसके कोई संतान नहीं है। ब्रज राघव चार भाइयों में सबसे छोटा था। तीसरे नंबर के भाई के एक माह पहले ट्रेन से पैर कट गए थे। उसकी देखभाल ब्रज राघव ही कर रहा था। एसआई सुजीत कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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