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उत्तर प्रदेश के कानपुर में बना तीसरा साइबर थाना, हाईटेक अपराधियों पर कसेंगा शिकंजा, छह जिलों के दर्ज होंगे केस

Fri, 19 Jun 2020 11:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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आईजी जोन मोहित अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर थाना बनकर तैयार हो गया है। पुलिस अफसरों को चार्ज भी मिल गया है। 23 जून से थाने में कार्रवाई शुरू होगी। थाने में रेंज के छह जिलों के मामले दर्ज किये जाएंगे। लखनऊ और गौतमबुद्धनगर के बाद प्रदेश का ये तीसरा साइबर थाना है। प्रदेश सरकार की योजना प्रदेश में हर रेंज स्तर पर एक साइबर थाना बनाने की है। 
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एसपी क्राइम राजेश कुमार यादव ने बताया कि ट्रैफिक लाइन में साइबर थाना बनाया गया है। थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश यादव हैं। एक अन्य इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र यादव की भी तैनाती की गई है। दरोगा ज्ञानेंद्र कुमार व आशुतोष के साथ एक अन्य दरोगा को भी चार्ज दिया गया है। सीओ नजीराबाद गीतांजलि सिंह को थाने का पर्यवेक्षक बनाया गया है।

आठ महिला व आठ पुरुष सिपाहियों को तैनात किया गया है। थाने में कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद और इटावा जिले के आईटी एक्ट तहत मामले दर्ज किये जाएंगे। दर्ज केसों का ब्योरा रीजनल साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर लखनऊ और इंडिया साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर दिल्ली जो गृह मंत्रालय के अधीन है, उसको भेजा जाएगा। वहीं से इन सभी मामलों की मॉनिटेरिंग होगी।
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साइबर क्राइम(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
इंटरनेट कनेक्टीविटी अभी नहीं
ट्रैफिक लाइन में ही साइबर सेल का दफ्तर है। सेल में इंटरनेट कनेक्टीविटी बेहद खराब है। इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए खुद की व्यवस्था करते हैं। अब जब साइबर थाना बन गया है तो ऐसे में अभी भी वहां पर इंटरनेट कनेक्टीविटी का इंतजाम नहीं हो सका है। ऐसे में कार्य बेहतर ढंग से कर पाना चुनौती होगा।

इन साइबर अपराधों के दर्ज हो सकेंगे केस
- एक लाख या इससे अधिक की साइबर ठगी के मामले की विवेचना साइबर थाने में होगी
- अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध केसभी मामले
- चाइल्ड पोर्नोग्राफी यानी बच्चों केअश्लील वीडियो, बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलो की
सुनवाई होगी
- हैकिंग, क्रिप्टो-कैरेंसी, ऑनलाइन साइबर ट्रैफिकिंग, सोशल मीडिया संबंधी अपराध से जुड़े मामले
- किसी सरकारी वेबसाइट की नकल करना या उसको प्रभावित करने का मामला

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए साइबर थाना बनाया गया है। छह जिलों के साइबर अपराध के मामलों की विवेचना की जाएगी। इससे साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसेगा।
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर
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