35 हेक्टेयर भूमि साढ़ के कुरौना बहादुरनगर में मिलनी है
मेगा लेदर क्लस्टर यूपी लिमिटेड ने ग्राम समाज की 42.02 हेक्टेयर भूमि आठ साल पहले राजस्व विभाग से ली थी। इस भूमि का पुनर्ग्रहण कराया गया था। 22 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीद ली थी। 35.238 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की है। लिमिटेड को राजस्व विभाग से ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की 35 हेक्टेयर भूमि साढ़ के कुरौना बहादुरनगर में मिलनी है।
राजस्व विभाग को दूसरी जगह की भूमि देनी थी
इस भूमि के बदले लिमिटेड को किसानों से खरीदकर राजस्व विभाग को जमीन देनी थी। 2013 में जब साढ़ में जमीन खरीदी गई थी तो साढ़ सदर तहसील में था पर अब नर्वल में हो गया है। इसकी वजह से लिमिटेड को राजस्व विभाग को दूसरी जगह की भूमि देनी थी। इसके लिए लिमिटेड ने सपई समेत तीन गांवों में 9.91 हेक्टेयर भूमि 15 अनुसूचित जाति के किसानों से खरीद ली जो राजस्व अभिलेखों में ऊसर, बंजर, जलाने वाली लकड़ी के नाम पर दर्ज थी।
एसडीएम सदर ने बैनामा करने से इन्कार कर दिया
जमीन खरीदने से पहले निदेशक ने प्रशासन की अनुमति भी नहीं ली थीं। 2021 जब निदेशक ने जमीन खरीदकर कंपनी के नाम दाखिल खारिज कराने के लिए सदर तहसील में आवेदन किया, तब यह सच सामने आया। इस पर एसडीएम सदर ने बैनामा करने से इन्कार कर दिया और सही जमीन खरीदने की बात कही। तब से अब तक लिमिटेड न तो दूसरी जमीन खरीद सकी और न ही दाखिल खारिज हो सका। सिर्फ सदर तहसील में फाइल दौड़ती रही।
अगस्त तक जमीन खरीदने की पूरी होगी प्रक्रिया
मेगा लेदर क्लस्टर लिमिटेड के निदेशक अशरफ रिजवान ने बताया कि अगस्त तक परियोजना के लिए जमीन खरीद का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना को नई स्कीम में शामिल करने के लिए डीपीटीआई को पत्र लिखा है। जिस जमीन को दाखिल खारिज करने से प्रशासन ने मना कर दिया है, उसके बदले में फिर से नई जमीन खरीदी जा रही है। उसका दाखिल खारिज भी कराया जा रहा है। अगस्त में जमीन खरीद का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद इस परियोजना को नई स्कीम के तहत शुरू किया जाएगा। बता दें कि नई स्कीम में शामिल होने पर परियोजना के लिए अतिरिक्त समय भी मिल जाएगा।
मेगा लेदर क्लस्टर लिमिटेड की तरफ से अगस्त तक जमीन देने की बात कही गई है। अभी तक मेरे पास जमीन खरीद को लेकर कोई कागजात नहीं आए हैं। -विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त