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UP: नौ हेक्टेयर जमीन के फेर में 12 साल से फंसा मेगा लेदर क्लस्टर, 2026 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का है लक्ष्य

Wed, 02 Jul 2025 10:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मेगा लेदर क्लस्टर लिमिटेड के निदेशक अशरफ रिजवान ने बताया कि अगस्त तक परियोजना के लिए जमीन खरीद का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना को नई स्कीम में शामिल करने के लिए डीपीटीआई को पत्र लिखा है।
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फुटवियर, रमईपुर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर जिले के रमईपुर क्षेत्र में वर्ष 2013 से प्रस्तावित मेगा लेदर क्लस्टर परियोजना 12 साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। वर्ष 2026 में परियोजना के पूर्ण होने का समय निर्धारित था, लेकिन मेगा लेदर क्लस्टर यूपी लिमिटेड के निदेशक अशरफ रिजवान अभी तक किसानों से पूरी जमीन ही नहीं खरीद सके हैं। नौ हेक्टेयर जमीन के चक्कर में अभी तक जमीन अधिग्रहण तक पूरा नहीं हो सका।

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अब निदेशक ने नई स्कीम के तहत परियोजना को शामिल करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ प्लानिंग ट्रांसपोर्ट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीटीआई) को पत्र लिखा है। अगस्त तक शेष नौ हेक्टेयर जमीन खरीदकर परियोजना को सौंपने की बात भी कही है। मेगा लेदर क्लस्टर स्थापना की कवायद 2013 में शुरू हुई थी। करौना बहादुर नग, मगरासा और सेन पूरब पारा में 100 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना होनी है।

35 हेक्टेयर भूमि साढ़ के कुरौना बहादुरनगर में मिलनी है
मेगा लेदर क्लस्टर यूपी लिमिटेड ने ग्राम समाज की 42.02 हेक्टेयर भूमि आठ साल पहले राजस्व विभाग से ली थी। इस भूमि का पुनर्ग्रहण कराया गया था। 22 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीद ली थी। 35.238 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की है। लिमिटेड को राजस्व विभाग से ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की 35 हेक्टेयर भूमि साढ़ के कुरौना बहादुरनगर में मिलनी है।

राजस्व विभाग को दूसरी जगह की भूमि देनी थी
इस भूमि के बदले लिमिटेड को किसानों से खरीदकर राजस्व विभाग को जमीन देनी थी। 2013 में जब साढ़ में जमीन खरीदी गई थी तो साढ़ सदर तहसील में था पर अब नर्वल में हो गया है। इसकी वजह से लिमिटेड को राजस्व विभाग को दूसरी जगह की भूमि देनी थी। इसके लिए लिमिटेड ने सपई समेत तीन गांवों में 9.91 हेक्टेयर भूमि 15 अनुसूचित जाति के किसानों से खरीद ली जो राजस्व अभिलेखों में ऊसर, बंजर, जलाने वाली लकड़ी के नाम पर दर्ज थी।

एसडीएम सदर ने बैनामा करने से इन्कार कर दिया
जमीन खरीदने से पहले निदेशक ने प्रशासन की अनुमति भी नहीं ली थीं। 2021 जब निदेशक ने जमीन खरीदकर कंपनी के नाम दाखिल खारिज कराने के लिए सदर तहसील में आवेदन किया, तब यह सच सामने आया। इस पर एसडीएम सदर ने बैनामा करने से इन्कार कर दिया और सही जमीन खरीदने की बात कही। तब से अब तक लिमिटेड न तो दूसरी जमीन खरीद सकी और न ही दाखिल खारिज हो सका। सिर्फ सदर तहसील में फाइल दौड़ती रही।

अगस्त तक जमीन खरीदने की पूरी होगी प्रक्रिया
मेगा लेदर क्लस्टर लिमिटेड के निदेशक अशरफ रिजवान ने बताया कि अगस्त तक परियोजना के लिए जमीन खरीद का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना को नई स्कीम में शामिल करने के लिए डीपीटीआई को पत्र लिखा है। जिस जमीन को दाखिल खारिज करने से प्रशासन ने मना कर दिया है, उसके बदले में फिर से नई जमीन खरीदी जा रही है। उसका दाखिल खारिज भी कराया जा रहा है। अगस्त में जमीन खरीद का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद इस परियोजना को नई स्कीम के तहत शुरू किया जाएगा। बता दें कि नई स्कीम में शामिल होने पर परियोजना के लिए अतिरिक्त समय भी मिल जाएगा।
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मेगा लेदर क्लस्टर लिमिटेड की तरफ से अगस्त तक जमीन देने की बात कही गई है। अभी तक मेरे पास जमीन खरीद को लेकर कोई कागजात नहीं आए हैं।  -विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त
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