कानपुर। किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट का लाइसेंस मिलने की ओर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने एक कदम और बढ़ा दिया है। लाइसेंस की फाइल स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोट्टो) से होते हुए नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (नोट्टो) को भेज दी गई है। यह जानकारी सोट्टो के निदेशक डॉ. हर्षवर्धन ने दी।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले वर्ष से किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए कार्य चल रहा है। जनवरी में शासन की एक टीम निरीक्षण भी कर चुकी है। कॉलेज की ओर से ट्रांसप्लांट को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। शासन की ओर से गठित कमेटी ने निरीक्षण के बाद अपनी स्वीकृति की रिपोर्ट भी शासन में सौंप दी है। शासन स्तर से बनी संस्था सोट्टो के निदेशक डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि मेडिकल कॉलेज को लाइसेंस मिलने की दिशा में काम किया जा रहा है। हैलट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में हर सप्ताह ओपीडी में 50 रोगी ऐसे आ रहे हैं जिन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है।
कॉलेज ने अपने स्तर से कागजी दस्तावेज पूरे कर उसे जमा करने के साथ ही चिकित्सकीय उपकरणों सहित प्रशिक्षित स्टाफ सभी तैयारी पूरी कर ली है। ओटी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट और वार्ड भी अलग से तैयार है। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अब डीजी ऑफिस से अनुमति मिलते ही हम काम शुरू कर देंगे। नेफ्रोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि बीते दो सालों में ओपीडी में आने वाले हर दूसरे रोगी को डायलिसिस और चौथे रोगी को ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है। ऐसे में अगर यूनिट शुरू हो जाएगी तो 18 जिलों के रोगी इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे।