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मेडिकल कॉलेज से ट्रांसफर हुए डॉक्टर वापस

Fri, 08 May 2015 01:49 AM IST
अमर उजाला कानपुर
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एक महीने के भीतर अलग-अलग चार मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसफर किए गए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स को शासन ने वापस कर दिया है। हालांकि उन्हें यहां संबद्ध किया गया है। उनकी मूल तैनाती ट्रांसफर किए गए मेडिकल कॉलेजों में ही रहेगी। शासन से इस संबंध में आदेश आ गया है। शुक्रवार से डॉक्टर्स के यहां ज्वाइन करने की पूरी संभावना है। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यहां से एक महीने के भीतर ट्रांसफर हुए डॉक्टर्स को संबद्ध किया गया है।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर मेडिकल कॉलेजों का एक महीने के भीतर निरीक्षण किया है। इन मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता बचाने और नई संबद्धता दिलाने के लिए शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 19 डॉक्टर्स का ट्रांसफर किया गया था। इनमें से पैथोलॉजी विभाग की डॉ. सुमनलता वर्मा ने सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन नहीं किया है। बाकी डॉक्टर्स ने संबंधित मेडिकल कॉलेजों में ज्वाइन किया और एमसीआई के निरीक्षण के समय वहां मुस्तैद रहे। माना जा रहा है कि एमसीआई के निरीक्षण के बाद शासन ने इन डॉक्टर्स को सहयोग का इनाम वापस भेजकर दिया है।

पुराने कॉलेज में सहयोग करेंगे
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) डॉ. वीएन त्रिपाठी ने कहा कि एमसीआई के निरीक्षण के दौरान अलग-अलग मेडिकल कालेजों में भेजे गए डॉक्टर्स अपने पुराने मेडिकल कॉलेज में सहयोग करेंगे। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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डॉ. सुमनलता वर्मा मामले की जानकारी शासन को
सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के लिए ट्रांसफर की गई पैथोलॉजी विभाग की डॉ. सुमनलता वर्मा ने अब तक वहां ज्वाइन नहीं किया है। उन्हें तकरीबन 15 दिन पहले ही शासन से आदेश आने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से रिलीव कर दिया गया था। डॉ. वर्मा ने कहा, ‘वह मेडिकल पर ही हैं, बच्चों से मिलने आई हैं। वापस जाकर ज्वाइन करूंगी’। डीजीएमई डॉ. वीएन त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि डॉ. सुमनलता वर्मा ने ज्वाइन नहीं किया है। इसकी जानकारी शासन को दे दी गई है। निर्णय शासन स्तर से ही होगा।

आ तो गए पर रोल क्या होगा
शासन ने डॉक्टर्स को संबद्ध तो कर दिया लेकिन उनका रोल क्या होगा इसके लिए कोई आदेश नहीं दिया। जो अपने विभागों के विभागाध्यक्ष थे, संबद्ध होने पर उनकी स्थिति क्या होगी इसे स्पष्ट नहीं किया गया है। वैसे अभी तक नियमों के अनुसार जो संबद्ध होते हैं उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारी नहीं दी जाती है। ऐसी स्थिति में डॉ. किरन पांडेय, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. संजय वर्मा को अपने जूनियरों के अधीन काम करना होगा। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि शासन से ऐसा कोई आदेश नहीं आया है कि पुराने डॉक्टर्स के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार रहेंगे या नहीं।

व्यवस्था बनाने में आएगी दिक्कत
संबद्धता की स्थिति में डॉक्टर्स को कुछ दिन पुराने मेडिकल कॉलेज और कुछ दिन ज्वाइन किए गए मेडिकल कॉलेज में रहना होता है। अब डॉक्टर्स की ओपीडी और क्लास को लेकर अलग टाइम टेबल पर माथापच्ची करनी होगी। कौन कहां काम करेगा इसके लिए मंथन करना होगी। कॉलेज प्रशासन को व्यवस्था बनाने में व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना होगा।


इन डॉक्टर्स का हुआ था ट्रांसफर

डॉ. संजय वर्मा, विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग (अंबेडकर नगर)
डॉ. आरके मौर्य, एसोसिएट प्रोफेसर, सर्जरी विभाग (अंबेडकर नगर)
डॉ. नीतू सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (अंबेडकर नगर)
डॉ. परवेज खान, एसोसिएशन प्रोफेसर, नेत्र रोग विभाग (अंबेडकर नगर)
डॉ. सुशील चंद्रा, संविदा प्रोफेसर, चर्म रोग विभाग (अंबेडकर नगर)
डॉ. सुधीर चौधरी, संविदा प्रोफेसर, टीबी एंड चेस्ट विभाग (अंबेडकर नगर)
डॉ. किरन पांडेय, विभागाध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (कन्नौज)
डॉ. बीपी प्रियदर्शी, मेडिसिन (कन्नौज)
डॉ. इकबाल अहमद, मेडिसिन (कन्नौज)
डॉ. मो. अमजारुल, मेडिसिन (कन्नौज)
डॉ. अनिता ओमहरि, पैथोलॉजी (कन्नौज)
डॉ. जीसी उपाध्याय, माइक्रोबायोलॉजी (संविदा),(कन्नौज)
डॉ. एके गुप्ता, हड्डी रोग विभागाध्यक्ष (आजमगढ़)
डॉ. रूपा डालमिया, बाल रोग (आजमगढ़)
डॉ. सुमनलता वर्मा, पैथोलॉजी (सहारनपुर)
डॉ. निधि गुप्ता, एनाटमी (सहारनपुर)
डॉ. आशीष चौधरी, सर्जरी (जालौन)
डॉ. अनुराग अग्रवाल, एनेस्थीसिया (जालौन)
डॉ. एसके गौतम, बाल रोग (जालौन)

इनकी संबद्धता हुई खत्म
मेडिसिन के डॉ. ब्रजेश, एनेस्थिसिया के डॉ. अपूर्व अग्रवाल और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. रेनू गुप्ता की कन्नौज से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मिली संबद्धता को पिछले महीने खत्म कर दिया गया था। उन्हें पूरी तरह कन्नौज मेडिकल कॉलेज के अधीन कर दिया गया था। नए आदेश में इनका कोई जिक्र नहीं है। यानी अभी यह तीनों कन्नौज ही बने रहेंगे।
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कन्नौज से ये अभी हैं संबद्ध
डॉ. केके लाक्षाकर, सर्जरी
डॉ. विपुल सिंह, मानसिक रोग विभाग
डॉ. संजय कुमार वर्मा, टीबी चेस्ट
डॉ. संदीप कौशिक, ईएनटी
डॉ. संतोष कुमार वर्मा, एसपीएम
डॉ. डीएस मातोलिया, एसपीएम
डॉ. डॉली रस्तोगी, फिजियोलॉजी
डॉ. तनु मिड्ढा, एसपीएम
डॉ. वीरेंद्र कुशवाहा, फार्माकोलॉजी
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