केस-2
अछल्दा स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए भर्ती हुई नगला तेज निवासी सीमा पत्नी सुनील कुमार ने बताया कि 28 जून को प्रसव हुआ। इसके बाद दूसरे दिन वह छुट्टी कराकर घर चली गई। इस बीच किसी ने भी उन्हें खाना तो दूर चाय, नाश्ता तक नहीं दिया। बताया कि यह उनके साथ नहीं कई अन्य महिलाओं के साथ भी हुआ।
प्रति माह हो रहे सैकड़ों प्रसव
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो एक जून से 30 जून तक अजीतमल सीएचसी में 171, अछल्दा में 111, सहार में 124, दिबियापुर में 265, बिधूना में 21 मई से 20 जून तक 222, ऐरवाकटरा में 85 प्रसव हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी भी प्रसूताओं को भोजन मुहैया कराने के लिए अलग अलग तरह के जवाब देते नजर आए। किसी ने समस्या बताई तो किसी ने दावा किया कि भोजन दें रहे हैं।
विगत वर्ष 70 रुपये में टेंडर हुआ था, मंहगाई बढ़ने के बाद खाना दे पाना संभव नहीं हो पा रहा है। इस लिए फल, चाय बिस्किट मुहैया कराया जा रहा था। मंहगाई को देखते हुए नया टेंडर के लिए जेम पोर्टल पर प्रक्रिया की गई है। 15 दिन में टेंडर करा कर समस्या दूर कर दी जाएगी। -डॉ. अर्चना श्रीवास्तव