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सामूहिक विवाह : खाना कम, भ्रष्टाचार ज्यादा, काली सूची में फर्म

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कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में 11 दिसंबर को आयोजित हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए भ्रष्टाचार पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। आयोजन कराने वाली फर्म नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड के सभी भुगतान पर रोक लगाते हुए फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। फर्म ने करीब 12,342 लोगों की जगह 2100 से 2300 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी, वह भी तय मेनू के अनुसार नहीं थी।
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फर्म पर पांच वर्षों तक किसी भी सरकारी विभाग में काम करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आयोजन में 55 फीसदी अव्यवस्थाएं मिलीं। इतने का ही भुगतान होगा। भुगतान में करीब 70 लाख रुपये की कटौती की संभावना है। सामूहिक विवाह में काफी अव्यवस्थाएं मिलने के बाद सीडीओ दीक्षा जैन ने अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम की जांच में स्पष्ट हुआ कि फर्म ने निविदा शर्तों और तय मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। 635 वैवाहिक जोड़ों के लिए व्यवस्था करनी थीं पर आए 561 जोड़ों और उनके परिजनों के लिए भी व्यवस्थाएं तक पूरी नहीं की गईं।

561 जोड़ों के लिए सिर्फ 370 वेदियां लगाई गईं। 25 की जगह केवल दो फोटोग्राफर तैनात किए गए। जयमालाओं, लड्डुओं और ड्राई फ्रूट्स की मात्रा भी मानकों से कम पाई गई। पंडाल छोटा था और जरूरत के मुकाबले कुर्सियों की संख्या बेहद कम थी। एलईडी स्क्रीन, सजावट, बैनर और स्टैंडी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं अधूरी थीं। जांच समिति ने साफ तौर पर कहा कि फर्म द्वारा की गईं कुल व्यवस्थाएं आवश्यकता की तुलना में केवल लगभग 45 प्रतिशत ही थीं।
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इस पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुमोदन के बाद फर्म को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ब्लैकलिस्ट कर दिया। यही नहीं आयोजन से जुड़े सभी बिलों के भुगतान पर रोक लगा दी है। फर्म द्वारा दिए गए बिलों में कटौती के बाद भुगतान किया जाएगा। निविदा शर्तों के उल्लंघन पर फर्म की सुरक्षा राशि और ईपीबीजी की करीब सात लाख रुपये की धनराशि जब्त करने के निर्देश दिए गए।


398 विवाहों का ई-टेंडर निरस्त
समाज कल्याण विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में होने वाले सभी सामूहिक विवाह के आयोजन का जिम्मा फर्म नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड को दे दिया था। पहले ही आयोजन में बड़ी खामियां मिलने के बाद शेष 398 सामूहिक विवाहों के आयोजन के लिए पुरानी ई-टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर नई ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाने के निर्देश विभाग को दिए गए।



घड़ियों का साइज छोटा, 1.40 लाख की होगी कटौती
जांच में उपहार सामग्री की गुणवत्ता भी कटघरे में आ गई। एम/एस नेशनल कोऑपरेटिव कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की तरफ से वितरित की गईं दीवार घड़ियां मानकों पर खरी नहीं उतरीं। दीवार घड़ी वितरण में 1.40 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आने पर इस धनराशि की फर्म के भुगतान से कटौती की जाएगी।



सामूहिक विवाह में भारी अव्यवस्थाएं मिली हैं। फर्म के भुगतान पर रोक लगाकर ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। शेष 398 जोड़ों के टेंडर भी निरस्त कर दिए हैं। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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