रूरा। झींझक-रूरा मार्ग पर एक कोल्ड स्टोरेज के पास नहर किनारे शौंच करने गया राजमिस्त्री पानी में डूब गया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन की। सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ व पीएसी की टीम बुलाई गई। टीमें तलाश कर रहीं हैं।
सद्गुरु कोल्ड स्टोरेज के बगल के सीसी गमला बनाने वाले दुकानदार रवि पाल ने पुलिस को बताया कि धनीरामपुर निवासी राजमिस्त्री बाबूराम कमल (70) उनके पिता भरत पाल के मित्र हैं। करीब एक सप्ताह से उनकी दुकान में आकर रुकते थे। बृहस्पतिवार रात आठ बजे के करीब वह काम करके दुकान पर आए और नहर किनारे शाैंच के लिए जाने की बात कह निकले थे।
काफी देर तक न आने पर नहर किनारे जाकर देखा तो उनकी चप्पल व गमछा पड़ा था। खोजबीन करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। रवि ने बताया कि उसने नहर किनारे शौंच के दौरान पैर फिसलने से नहर में गिरकर डूबने की आशंका जता डायल 112 को रात में ही सूचना दी थी। इधर राजमिस्त्री के डूबने की जानकारी पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। सफलता न मिलने पर शुक्रवार को कानपुर से एसडीआरएफ व 37 वाहिनी पीएसी की टीम बुलाई गई। दोनों टीमें देर शाम तक राजमिस्त्री की तलाश करती रहीं। करीब 16 घंटे बीत जाने के बाद कुछ पता नहीं चला।
इधर कार्रवाई में लापरवाही करने का आरोप लगा परिजन झीझक-रूरा मार्ग में घटना स्थल के सामने रोड़ पर बल्लिया डालकर जाम लगाने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार डॉ. रवींद्र मिश्रा व थानाध्यक्ष सुधीर भारद्वाज के समझाने के बाद वह लोग माने। राजमिस्त्री की पत्नी राजेंद्री देवी, बेटा रामबहादुर, सुनील व प्रदीप का बिलखते रहे। एसडीआरएफ टीम के प्रभारी बजरंग कुमार ने बताया कि स्टीमर व गोताखोरों के माध्यम से डूबे व्यक्ति की तलाश की जा रही है। थानाध्यक्ष सुधीर भारद्वाज ने बताया कि राजमिस्त्री की तलाश के साथ अन्य जानकारी जुटाई जा रही हैं।