कानपुर देहात। दूध का कारोबार करने वाली समूह की महिलाओं को अब बिक्री के लिए भटकना नहीं होगा। एनआरएलएम विभाग ऐसी महिलाओं की सूची तैयार कर रहा है। जल्द ही इनको उत्पाद की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे इनकी आमदनी बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 9218 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इससे जुड़ी 94, 350 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार कर रही हैं। इनमें कई महिलाएं दूध डेयरी का काम भी कर रही हैं लेकिन सही बाजार उपलब्ध न होने से कारोबार को आगे बढ़ाने में समस्या आ रही है। एनआरएलएम विभाग इनकी समस्या का समाधान करने के लिए इनकी सूची तैयार कर रहा है और इन्हें जल्द ही दूध की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराएगा।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि जिले में करीब 10 हजार से अधिक महिलाएं दूध का कारोबार कर रही हैं। इन महिलाओं को बिक्री के लिए जल्द ही बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। दरअसल अकबरपुर के आलमचंदपुर में इन्क्यूबेशन सेंटर की शुरुआत होने वाली है। यहां नए व्यवसायों (स्टार्टअप्स) को उनके शुरुआती चरण में मार्गदर्शन, बुनियादी ढांचा (ऑफिस स्पेस), तकनीकी सहायता आदि के रूप में मदद की जाएगी। इसके अलावा सेंटर में दूध से बनने वाले उत्पादों के लिए प्रति दिन करीब 4000 लीटर दूध की आवश्यकता होगी। महिलाएं यहां दूध की बिक्री कर सकेंगी और आमदनी कर आत्मनिर्भर बनेगी।
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जिले में दूध का कारोबार करने वाली करीब 10 हजार महिलाओं की सूची तैयार की जा रही है। यह महिलाएं दूध की बिक्री इन्क्यूबेशन सेंटर पर कर आमदनी कर सकेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार को आगे बढ़ाने में आने वाली समस्या का समाधान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम