निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दोषियों को आखिर उनके किए की सजा मिल गई। लेकिन निर्भया की तरह ही कानपुर में भी कई मुकदमे अदालतों में विचाराधीन हैं। इनमें आरोपी कानूनी दावपेंच लगाकर सजा से बचने की जुगत में लगे हैं।
दुष्कर्म के बाद मासूम बच्चियों की हत्या किए जाने के मामलों की सुनवाई जहां पॉक्सो कोर्ट में चल रही है वहीं एक विधवा से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला पिछले 11 साल से उलझा पड़ा है। कानपुर में ऐसी कई निर्भया हैं जिन्हें अब भी इंसाफ मिलना बाकी है।
केस - 1
चकेरी के आदर्श नगर निवासी एक युवक की 25 वर्षीय विधवा साली का 30 सितंबर 2009 को दशहरे की रात पड़ोसियों ने अपहरण कर लिया था। युवक दौड़ता रहा लेकिन थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। डीआईजी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। लगभग दो माह बाद विधनू के एक खेत में युवती की अधजली लाश मिली। इस वारदात में पुलिस ने अरुण सोनकर, विकास और श्रीकृष्ण के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इन पर युवती के अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप हैं। एडीजीसी हरिशंकर शुक्ला ने बताया कि मामले में गवाही लगभग पूरी हो चुकी है। इसके बाद अभियुक्त के बयान दर्ज होंगे।