मंगलवार की बारिश से शास्त्री नगर, विजय नगर समेत कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। स्वरूप नगर समेत कई मोहल्लों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। कई मोहल्लों में रात तक पानी नहीं निकल पाया।
मंगलवार दोपहर ढाई बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। लगभग डेढ़ घंटे में मोतीझील, शास्त्री नगर, विजय नगर, सूटरगंज, ग्वालटोली, चुन्नीगंज, ब्रह्म नगर, लाजपत नगर, पीरोड, जवाहर नगर, नेहरू नगर, साइकिल मार्केट, हैलट अस्पताल परिसर, गीता नगर, रावतपुर में सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भर गया।
मरियमपुर चौराहा, जेके मंदिर रोड, संत नगर चौराहा समेत कई सड़कों पर यातायात बाधित रहा। बृजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित गणेश प्रतिमा पंडाल तक पानी पहुंच गया। कर्नलगंज, बेकनगंज, चमनगंज में कई स्थानों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।
कर्नलगंज में तिकुनिया पार्क के पास नालियां चोक होने से सड़क पर पानी भर गया। रहमानी मार्केट के, फहीमाबाद, बांसमंडी, इफ्तिखाराबाद ढाल आदि क्षेत्रों में पानी भरा रहा।
सफाई न होने से जलभराव
नगर निगम ने नालों की सफाई में लगभग चार करोड़ रुपये फूंक दिए पर गली पिटों की सफाई नहीं कराई। 12 सितंबर को बारिश के बाद जलभराव से सबक नहीं लिया। गली पिटों की सफाई न होने से जलभराव के लिए चिह्नित स्थलों में भरा पानी निकलने में भी तीन से सात घंटे लगे।
साउथ सिटी में भी लोग हुए परेशान
कानपुर साउथ। शाम के वक्त हुई बारिश से साउथ सिटी के कई इलाकों में जलभराव हो गया। रतनलाल नगर में पाइप लाइन के चलते रोड काटे जाने की वजह से मुख्य मार्ग पर जलभराव रहा। इससे राहरीगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह जूही पुल पर भी जलभराव से कुछ देर आवागमन बाधित रहा।
साकेत नगर, गोविंदनगर और किदवईनगर में भी जलभराव दिखा। जबकि नव विकसित इलाके खाड़ेपुर, योगेंद्र बिहार, जरौली फेस वन और टू की गलियों में बारिश से हुए कीचड़ ने लोगों को खासा परेशान किया। दबौली, गुजैनी, मछरिया, यशोदानगर, नौबस्ता, पशुपति नगर में भी कीचड़ और जलभराव रहा।
क्षेत्रीय चक्रवात ने फिर कराई बारिश
कानपुर। आंधी की तरह चली उत्तरी-पूर्वी हवाओं और क्षेत्रीय चक्रवात के चलते मंगलवार की शाम शहर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई। तापमान गिरने से गर्मी में कुछ राहत महसूस की गई।
मौसम विज्ञानी बता रहे हैं कि सितंबर के महीने में हुई इस दूसरी बारिश से रात के मौसम में खासा परिवर्तन देखने को मिलेगा। तापमान और आर्द्रता में भी उतार चढ़ाव होगा। इससे पहले 12 सितंबर को क्षेत्रीय चक्रवात के कारण 43.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि बारिश पौधों और खेतीबाड़ी के लिए बहुत अच्छी है। इससे धीरे-धीरे चिलचिलाती गर्मी और तपन में भी कमी आएगी। डॉ. दुबे ने बताया कि 5.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। बुधवार को भी कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश की संभावना है।