क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2015-16 के टॉप-200 में भी आईआईटी कानपुर जगह नहीं बना सका। क्यूएस की जारी रैंकिंग में आईआईटी कानपुर 271वें स्थान पर है। हालांकि पिछली बार के मुकाबले आईआईटी की रैंकिंग सुधरी है, लेकिन 2014-15 में पीछे रहने वाले तमाम साइंस, टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट उससे आगे निकल गए। यही आईआईटी प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। क्यूएस की सब्जेक्ट रैंकिंग में भी कोई सुधार नहीं हो सका।
आईआईटी कानपुर ने रैंकिंग में सुधार की तैयारी की थी। इसके बावजूद क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग की टॉप लिस्ट में जगह नहीं बना सके। सिविल इंजीनियरिंग की सब्जेक्ट रैंकिंग में कानपुर टॉप-150 में शामिल है, जबकि आईआईटी दिल्ली, खड़गपुर और मद्रास टॉप-100 में जगह बनाने में कामयाब हुए। यही हाल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग का है।
आईआईटी मुंबई और दिल्ली को छोड़कर देश का कोई भी प्रौद्योगिकी संस्थान टॉप-100 में नहीं है। केमिकल इंजीनियरिंग में भी मुंबई और दिल्ली का नाम है। मेकेनिकल, एयरोनॉटिकल और मैन्यूफैक्चरिंग इंजीनियरिंग के टॉप-100 संस्थानों की लिस्ट से आईआईटी कानपुर गायब है। इस लिस्ट में आईआईटी दिल्ली, मुंबई और मद्रास का नाम जरूर है।
2014-15 में रैंकिंग ः आईआईटी दिल्ली-235, आईआईटी कानपुर-300, आईआईटी मद्रास-322, आईआईटी खड़गपुर-324, दिल्ली यूनिवर्सिटी-421, आईआईटी गुवाहाटी-551, यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई-555, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता-601टरनल एसेसमेंट कराकर अलग-अलग विभागों की ग्रेडिंग भी कराई।