जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के प्रयास से जम्मू कश्मीर में निर्यात ढाई गुना बढ़ गया है। पश्मीना शाल और काॅरपेट निर्माण से स्थानीय हुनर को बढ़ावा मिला है। वह बुधवार को महानगर आए थे। उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उप राज्यपाल का कहना था कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर औद्योगिक रूप से काफी समृद्ध हुआ है।
उपराज्यपाल सिविल लाइंस स्थित एक होटल में रोटरी क्लब ऑफ कानपुर गौरव, प्राउट सॉलिसिटर्स, कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से विकसित भारत संवाद कार्यक्रम (एज 2025) में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जम्मू अब पर्यटन के लिए भी चर्चित है। पहले घाटी में एक ही फसल होती थी। अब वहां कई तरह की फसलों से किसान पैदावार ले रहे हैं। इसमें सरसों की खेती भी शामिल है। यह सारा बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से हुआ है।
उन्होंने बताया कि दो साल पहले जम्मू कश्मीर में देश के जाने-माने कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से हॉलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्लान शुरू किया गया है। लक्ष्य रखा गया है कि राज्य की जीडीपी को पांच वर्षों में ढाई गुना किया जाए। इसमें 25 हजार नए बिजनेस यूनिट भी शुरू होंगे। बताया कि मीट और अंडा बड़ी मात्रा में बाहर से आता था। इसमें भी 75 प्रतिशत तक हम आत्मनिर्भर हो गए हैं। शहद का काम करने वाले किसानों की आमदनी में इजाफा हुआ है। इस तरह के 29 प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।