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ऐसी भी क्या दुश्मनी जो चापड़ से मारा, सिर कुचला और फिर......

Mon, 23 Oct 2017 05:45 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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इरशाद हड्डी की बोरे में पड़ी लाश - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर शहर के अनवरगंज इलाके के शातिर बदमाश इरशाद उर्फ हड्डी की चापड़ मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे और सिर को भारी चीज से कुचल भी दिया। शव को बोरे में भरकर नाला रोड स्थित कूड़ा घर में फेंक दिया। परिजनों ने इलाके के चार लोगों पर पुरानी रंजिश में इरशाद की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम में इरशाद की बेरहमी से हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। उसके सिर और चेहरे पर चोटों के 10 घाव मिले हैं। सिर की हड्डी तक कट गई थी। अधिक खून बहने से मौत की पुष्टि हुई है। वहीं यह भी पता चला है कि हत्या के पीछे जुआ, सट्टा और स्मैक के धंधे का भी विवाद है।
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दलेलपुरवा निवासी इरशाद उर्फ हड्डी (36) के भाई मोहम्मद नसीम की चकरपुर (सचेंडी) में सब्जी की आढ़त है। इरशाद भाई के साथ आढ़त का काम संभालता था। इरशाद के परिवार में पत्नी शाहीन, बहन अन्नू, भाई मोहम्मद नसीम और मुख्तार हैं। नसीम ने बताया कि गुरुवार को दिवाली वाले दिन इरशाद घर से निकला था। रात में इरशाद ने बहन अन्नू को मोबाइल पर फोन कर कहा कि उसकी बाइक बांसमंडी अनवरगंज स्थित बेबिस कंपाउंड में खड़ी है। वह बाइक उठाने जा रहा है, थोड़ी देर बाद घर आएगा। इरशाद को मना किया गया था कि अभी बाइक लेने बेबिस कंपांउड न जाए। शुक्रवार सुबह बाइक लेने चले जाना।

अभी घर आ जाओ लेकिन वह नहीं माना। इसके थोड़ी देर बाद एक अनजान शख्स ने फोन कर बहन अन्नू को बताया कि इरशाद की बाइक और मोबाइल फोन बेबिस कंपाउंड में है, आकर ले जाओ। फिर परिजनों ने इरशाद का मोबाइल मिलाया, लेकिन स्विच ऑफ बताता रहा। रात भर इरशाद की खोजबीन करते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह बजरिया थानाध्यक्ष ने मोबाइल पर उन्हें खबर दी कि इरशाद का शव नाला रोड स्थित कूड़ा घर में पड़ा है। जब वह मौके पर गए तो एक बोरे में चमड़े की कटिंग के बीच इरशाद का खून से लथपथ शव रखा था। इरशाद के चेहरे और सिर पर चापड़ और भारी वस्तु से प्रहार के घाव थे। नसीम ने बताया कि दो साल पहले दिवाली की परेवा पर इरशाद का इलाके के अरुण चौड़ा से विवाद हो गया था।
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तब से अरुण और उसके साथी इरशाद से रंजिश मानते थे। अरुण ने साथी कारा, छोटू और राज कुमार के साथ मिलकर इरशाद की हत्या की है। बजरिया इंस्पेक्टर ने बताया कि नसीम की तहरीर पर अरुण और उसके तीन साथियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।

 
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हत्या के पीछे स्मैक, जुए, सट्टे का विवाद

डेमो पिक
हत्या के पीछे स्मैक, जुए, सट्टे का विवाद
अनवरंगज थाने में दर्ज हैं 12 से ज्यादा मामले  
 इरशाद उर्फ हड्डी शातिर बदमाश था। इरशाद ने इसी साल जुलाई में किदवई नगर ओ ब्लाक में मकान खाली कराने के विवाद में फायरिंग की थी। इस मामले में जूही पुलिस ने इरशाद को जेल भेजा था। इतना ही नहीं इरशाद के खिलाफ केवल अनवरगंज थाने में ही 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले की जांच कर रही टीम में शामिल एक पुलिस अफसर का कहना है कि इरशाद शराब का लती था। हत्या के पीछे जुए और सट्टे का विवाद है। स्मैक के धंधे की भी रंजिश है। आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है। एक पुलिस अफसर का कहना है कि बेबिस कंपाउंड में जुआ हो रहा था। इरशाद जुआ में काफी रकम हार गया था। जुआरियों ने उसकी बाइक और मोबाइल वहां रखवा लिया था। जब वह बाइक और मोबाइल लेने वहां गया तो संभवता वहां जुआरियों का इरशाद से झगड़ा हुआ होगा और उसकी हत्या कर दी गई। हत्या को लेकर इरशाद के पत्नी और परिवार के अन्य लोगों से संबंध, करीबियों से खुन्नस, व्यापारिक या किसी और तरह की रंजिश के बिन्दु पर भी जांच की जा रही है।

 
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स्मैक तस्करी का भी विवाद 

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स्मैक तस्करी का भी विवाद 
इरशाद स्मैक के धंधे से भी जुड़ा था। उसने शहर के एक तस्कर से बाराबंकी के एक तस्कर का 25 लाख रुपये की स्मैक सौदा तय कराया था। तस्कर ने स्मैक ले ली थी, लेकिन भुगतान नहीं किया था। इसे लेकर बाराबंकी का तस्कर इरशाद से रंजिश मान रहा था। इस बिन्दु पर भी जांच चल रही है कि कहीं स्मैक के विवाद में इरशाद की हत्या तो नहीं की गई। 
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