औरैया जिले के हरी पुरवा में एक जमीन के टुकड़े को लेकर भाईयों ने भाई पर फावड़े से हमला कर उसकी जान ले ली। फावड़ा मारकर हत्या किए जाने के मामले में मृतक के पुत्र ने चार भाइयों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुत्र के मुताबिक हत्यारोपी पारिवारिक है। जमीन के एक टुकड़े को लेकर उनका विवाद चल रहा था। पुलिस ने हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
थाना क्षेत्र के ग्राम हरी पुरवा निवासी अंगद सिंह (48) पुत्र बहुरान सिंह के पास 30 बीघा खेती है। रविवार को वह गांव से लगभग 700 मीटर दूरी पर हरचंद्रपुर रजबहे के पास खेत में पानी लगाने गए थे। इसके बाद वह नहीं लौटे। बेटे बीपी सिंह ने फोन करके पिता को जल्दी घर आने की बात कहीं। अंधेरा हो जाने पर दोबारा फोन लगाया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। घबराकर घर के लोग मौके पर पहुंचे तो मेड़ पर खून से लथपथ अंगद सिंह का शव पड़ा पाया गया। पुत्र ने बताया कि मौके से पारिवारिक अनिल भाग रहा था।
मृतक का रोता बिलखता परिवार
पिता को ग्रामीणों की मदद से उसे दिबियापुर सीएचसी लाया गया वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में बड़े पुत्र बीपी सिंह ने अछल्दा थाने में पिता के पारिवारिक भाई अनिल कुमार, औसान सिंह, राघवेंद्र सिंह, बृजेश सिंह उर्फ फौजी पुत्रगण लक्ष्मी नारायण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ शंशाक राजपूत ने बताया कि आरोपी फरार हैं। दबिश दी जा रही है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल फावड़ा व हत्यारोपी अनिल की बाइक भी बरामद की गई है।
मृतक अंगद सिंह के बड़े पुत्र बीपी सिंह ने बताया कि वह तीन भाई है, उसके बाद भूरे फिर विपिन है। मां शिवकुमारी हैं। वह इटावा के जिला अस्पताल में कार्यरत है। पिता अंगद सिंह के पारिवारिक रिश्ते में भाई लगने वाले अनिल सिंह जमीन के एक टुकड़े को लेकर उनके परिवार से रंजिश मानते हैं। कई बार वह पिता को जान से मारने की धमकी दे चुके थे। दोनो परिवारों के बीच झगड़ा कई बार हरचंदपुर पुलिस चौकी में पहुंचा भी पर पुलिस ने आपसी विवाद बताकर समझौता करा दिया था। घटना से पहले अंगद ने अपने बेटे से बाइक लेने की भी बात कही थी।