फर्रुखाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में तीन तलाक पीड़िता के पिता की अर्जी पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, सीओ मोहम्मदाबाद, एसओ जहानगंज, दो दरोगा समेत 13 लोगों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है।
इसमें आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पर तीन तलाक की शिकायत का फर्जी समझौता पत्र तैयार कर निस्तारण करने और तीन तलाक की रिपोर्ट न लिखने का आरोप लगाया गया है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव जहांगीरपुर निवासी मुस्तकीम ने कन्नौज जिले के थाना सौरिख के मोहल्ला किसमई नगर निवासी मेहराज आलम, तनवीर उर्फ सनवीर, इनकी पत्नी रीना, आकिला पत्नी खुर्शीद, मतीन ठेकेदार, मैनपुरी जिले के सिकंदरपुर निवासी कैसरजहां, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मछलीटोला निवासी कमरजहां, जहानगंज थाने के गांव कंझाना निवासी आसमा, तत्कालीन एसपी, जहानगंज थाने के दरोगा विश्वनाथ आर्य, तत्कालीन एसओ अंगद सिंह (अब कमालगंज एसओ), सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह, जहानगंज थाने के एक दरोगा के खिलाफ अदालत में अर्जी दायर की।
इसमें कहा कि पुत्री नजराना की शादी मेहराज आलम से हुई थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने 27 जून 2019 को पुत्री से मारपीट की और छह माह का पुत्र छीनते हुए पति ने तीन तलाक कहकर घर से निकाल दिया।
जान से मारने की धमकी दी। तीन तलाक को लेकर थाने में तहरीर दी, पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। तब पांच अगस्त 2019 को आईजीआरएस पर शिकायत की थी। ससुराल वालों और उनके रिश्तेदारों ने सीओ, एसओ व दरोगा से साठगांठ कर एक फर्जी समझौता पत्र तैयार कराकर शिकायत का निस्तारण कर दिया।
इसकी शिकायत कई बार सीओ और एसपी से की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सुनवाई के बाद सीजेएम के आदेेश पर सभी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है। मुकदमे में वादी के 21 फरवरी को बयान दर्ज किए जाएंगे।