विधायक ने युवक का मेडिकल कराने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने पुलिस पर लगाए गए पिटाई के आरोपों को निराधार बताया। फीलखाना थाना क्षेत्र के घुमनी बाजार निवासी अमन अग्रवाल और उनकी पत्नी आकांक्षा के अनुसार, रविवार रात करीब 12:30 बजे छह-सात लोग उनके घर पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए चोरी के मामले में पूछताछ की। अमन के अनुसार, पुलिस ने बताया कि चोरी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में वह गली से आते-जाते दिखाई दिया है।
कंधे पर पट्टा रखकर चौकी के बाहर बैठे विधायक
मामले की जानकारी मिलने पर सोमवार दोपहर करीब दो बजे विधायक अमिताभ बाजपेई चौकी पहुंचे। करीब एक घंटे तक अधिकारी के नहीं पहुंचने पर उन्होंने चौकी के बाहर कंधे पर पट्टा रखकर धरना शुरू कर दिया। विधायक ने सवाल उठाया कि जब युवक को केवल पूछताछ के लिए लाया गया था तो उसकी पट्टे से पिटाई क्यों की गई।
एसीपी ने पिटाई के आरोपों को बताया निराधार
एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि रविवार रात चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में आता-जाता दिखाई दिया।
20-25 समर्थकों के साथ चौकी पहुंचने का दावा
कमिश्नरेट की मीडिया सेल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि विधायक करीब 20-25 लोगों के साथ चौकी पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया और महिला थाना प्रभारी रीना सिंह से बहस करते हुए युवक को छुड़ाने का प्रयास किया।
चौकी में पूछताछ को लेकर उठे सवाल
मामले में पुलिस अधिकारियों के पुराने निर्देशों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पूर्व एडिशनल पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार ने चारों जोन के डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि किसी आरोपी को पकड़ने के बाद पहले थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दी जाएगी और पूछताछ थाने में ही की जाएगी। चौकी में पूछताछ नहीं करने के निर्देश थे। मौजूदा मामले में युवक को चौकी लाकर पूछताछ किए जाने से इन निर्देशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।