कानपुर देहात। शासन की ओर से गठित राज्य स्तरीय दो सदस्यीय टीम ने मंगलवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम ने मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानी। इसके साथ मिली खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।
टीम में शामिल आचार्य फार्मोकोलॉजी डाॅ. अंबरीश गुप्ता, राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज के ईएनटी विभाग के आचार्य डाॅ. सतीश कौशिक सबसे पहले इमरजेंसी पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में मिलने वाली सुविधाएं देखी। इसके साथ आईसीयू, ट्रामा सेंटर, महिला वार्ड, इमरजेंसी वार्ड के साथ सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की मुस्तैदी देखी। एक्स-रे के लिए कई मरीज ओपीडी से पुराने भवन आते दिखे। इस पर टीम ने एक्स-रे के बारे में जानकारी ली। इस पर बताया गया कि पुराने भवन में एक्स-रे किया जाता है।
इस पर डॉ. अंबरीश ने प्राचार्य व सीएमस से कहा कि पोर्टेबल मशीन की व्यवस्था की जाए। जिससे जरूरत पड़ने पर भर्ती मरीजों का वार्ड आसानी से एक्स-रे हो सके। इसके बाद टीम ओपीडी की व्यवस्था देखने के लिए नए भवन पहुंची। यहां पर पंजीकरण, दवा वितरण की व्यवस्था देखी। पंजीकरण कक्ष पर मरीजों की लाइन देख ऑनलाइन पर्चे बनवाने के साथ मरीजों की सुविधा को लेकर डॉक्टर व स्टॉफ की सूची लगाने व डिस्प्ले बोर्ड लगाने की बात कही। ओपीडी में सर्जरी विभाग में पहुंच कर मौजूद डॉ. जसवीर सिंह व मरीजों से जानकारी ली।
यहां से टीम कुंभी स्थिति कॉलेज भवन पहुंची। जहां पर प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा, सीएमएस डॉ. वंदना सिंह से उपलब्ध चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा व्यवस्था एवं शोध की सुविधाओं व आगामी एमबीबीएस बैच (द्वितीय वर्ष) के पठन-पाठन के बारे में जानकारी ली। प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं से शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ के साथ बैठक की। जिसमें इमरजेंसी सेवा, ट्रामा सेंटर, आईसीयू, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन प्लांट, पैथोलॉजी, व रेडियोलोजिकल जांच, सीटी स्केन औषधियों की उपलब्धता आदि को बेहतर करने के निर्देश दिए। बायोमेडिकल बेस्ट, पर्यावरण कंट्रोल की व्यवस्थाएं और बेहतर करने को कहा। निर्देश दिए कि जिन सेवाओं को अभी संचालित नहीं किया गया है, उन्हें जल्द शुरू कराया जाए। अस्पताल में किसी भी तरह से दलालों का प्रवेश न होने पाए। यहां उपप्रधानाचार्य, डॉ. हरप्रीत सिंह, डाॅक्टर मोहित मिश्रा, डॉ. शुभम मौर्या आदि रहे।