जो समाज और गुरु का नहीं हुआ, किसका होगा
मैनपुरी लोकसभा चुनाव तय कर देगा डिंपल को इतने वोटों से जिताना कि भाजपा की जमानत जब्त हो जाए। भाजपा प्रत्याशी यदि सही शिष्य होता, तो पार्टी छोड़ता ही नहीं। साथ ही, जाने से पहले गुरु से आज्ञा लेकर जाता। जो समाज का नहीं हुआ, गुरु का नहीं हुआ...किसका होगा।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली या लखनऊ की सरकार हो जनता का कोई काम नहीं किया। किसी भी किसान को खाद नहीं मिली है और एक बोरी खाद 1800 रुपए में मिल रही है। पूरी रात गाय और सांड से फसलों को रखवाली नहीं मिल रही है।
एसडीओ एक महीने में कई लाख रुपए की वसूली करता है। ये सरकार मुठ्ठी भर पूंजीपतियों की मदद कर रही है। पुलिस खुलेआम रिश्वत लेती है। चार बार सपा सरकार रही किसी पर छापे मारे गए। इन दोनों भ्रष्ट सरकारों का भविष्य मैनपुरी लोकसभा चुनाव तय करेगा।