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महोबा: ‘मां को बचाने में थमीं बेटे की सांसें, दोनों की जलकर दर्दनाक मौत, डीएनए जांच से हुई शवों की पुष्टि

Fri, 25 Sep 2026 02:21 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

Mahoba News: नोएडा में दिल्ली से महोबा आ रही राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में हुए भीषण अग्निकांड में चरखारी निवासी भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। घुटनों में दर्द के कारण मां बस से बाहर नहीं निकल सकीं, तो बेटे शशांक ने भी मां को अकेला नहीं छोड़ा।
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सुनीता और मयंक की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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नोएडा में राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में लगी भीषण आग ने महोबा, चरखारी के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और उनके इंजीनियर बेटे शशांक गुप्ता की मौत हो गई। आग लगने के बाद जब बस में धुआं भरने लगा, तो शशांक ने अपनी मां को बचाने के लिए उन्हें अकेला छोड़कर बाहर निकलने के बजाय उनके साथ रहना चुना।

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मां को बचाने की कोशिश में दोनों आग की चपेट में आ गए। चरखारी निवासी नीरज गुप्ता ने बताया कि पत्नी सुनीता गुप्ता करीब एक महीने से गुरुग्राम में बेटे शशांक के पास रह रही थीं। वह घुटनों की बीमारी का इलाज करा रही थीं। बुधवार की रात शशांक अपनी मां को लेकर राज कल्पना ट्रेवल्स की बस से महोबा लौट रहे थे। दोनों बस की पिछली सीट पर बैठे थे।

मां को छोड़कर नहीं गया शशांक
रास्ते में अचानक बस में आग लग गई। देखते ही देखते बस में धुआं भर गया और यात्रियों में अफरातफरी मच गई। सुनीता के पैरों में दर्द होने के कारण वह तेजी से बस से बाहर नहीं निकल पा रही थीं। ऐसे में शशांक ने मां को अकेला छोड़कर निकलने के बजाय उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार चालक, परिचालक और सुनीता ने भी शशांक से पहले बाहर निकलने के लिए कहा था, लेकिन वह मां को छोड़कर नहीं गए।

बस चालक और परिचालक पर लापरवाही का आरोप
धुआं बढ़ने के कारण दोनों बेहोश हो गए और आग की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई।  हादसे के बाद परिजनों ने बस चालक और परिचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यात्रियों ने बस में जलने की गंध आने की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते बस को रोककर जांच नहीं की गई। हालांकि, बस में आग लगने की वास्तविक वजह और हादसे में किसी स्तर पर लापरवाही हुई  यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

डीएनए जांच से हुई शवों की पहचान
आग इतनी भीषण थी कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया था। इसके बाद डीएनए जांच और परिजनों की पहचान के आधार पर सुनीता गुप्ता और शशांक गुप्ता के शवों की पुष्टि हुई। दोनों की मौत की खबर मिलते ही चरखारी और महोबा में शोक की लहर दौड़ गई।

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पूर्व सांसद समेत कई नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की
हादसे की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का नीरज गुप्ता के आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल समेत कई नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। मां को बचाने की कोशिश में बेटे की मौत की घटना से परिवार और परिचितों में गहरा दुख है।

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