कब्जा हटाने का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया
बृहस्पतिवार को एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार, तहसीलदार आलोक मिश्रा, थानाध्यक्ष सुषमा चौधरी राजस्व और नगर पंचायत कर्मियों के साथ बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे और पक्का निर्माण ढहाने का प्रयास किया। इसको लेकर रामेश्वर व उसके परिवार की महिलाएं आगे आ गईं और विरोध करने लगी। उनका कहना था कि वह 30 साल से काबिज हैं। उन्हें कब्जा हटाने का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया और अचानक कार्रवाई की गई।
प्रशासन के फूल गए हाथ-पैर
कब्जा ढहाने का विरोध करने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ने एक युवक की पिटाई कर दी। दो घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान रामेश्वर की पत्नी शकुंतला अचेत होकर गिर गई। तब प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। महिलाओं ने चेहरे पर पानी के छींटे मारे, तब 15 मिनट बाद उसे होश आया। पुलिस ने योगेंद्र की पिटाई करते हुए हिरासत में ले लिया। इसके बाद कब्जा ढहाया गया।