महोबा जिले में विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। डीएम के निर्देश पर आउटसोर्स कंपनी के सुपरवाइजर ने 13 विद्युत संविदाकर्मियों पर अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई अनुबंधित कंपनी के नियमों की अनदेखी कर हड़ताल में शामिल होने पर की गई है।
जिले के बिजली कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर हैं। बिजली व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए डीएम मनोज कुमार ने सभी बिजली उपकेंद्रों में मजिस्ट्रेट के साथ पूर्व सैनिकों व आईटीआई और पॉलीटेक्निक के डिप्लोमाधारकों को जिम्मेदारी सौंपी है। दो दिन पहले डीएम ने हड़ताल में शामिल 12 आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी थी। एक अन्य कर्मचारी कंधी भी काम पर नहीं मिला था। जिस पर जिलाधिकारी ने एफआईआर के आदेश दिए थे।
जिले में 282 बिजलीकर्मी ठेके पर लगाए गए हैं। जिनमें से 13 कर्मचारी अपने काम में अनुपस्थित होकर हड़ताल में शामिल होकर अनदेखी करते मिले। डीएम के निर्देश पर आउटसोर्स कंपनी के सुपरवाइजर मनीष की तहरीर पर अथर्व, दिलशाद, कालीचरण, राजबहादुर, सलीम, इमामी, फरीद, सुमित, आसिफ, कमरूद्दीन, कंधी और राजू समेत 13 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से संविदाकर्मियों में खलबली मची है।