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Mahoba Election Result: भाजपा के लिए शुभ रही वीरभूमि, फिर से लहराया भगवा परचम, बुंदेलों को भायी मोदी-योगी की जोड़ी

Fri, 11 Mar 2022 01:22 PM IST
शिखा पांडेय चंद्रशेखर यादव, महोबा

सार

भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि भाजपा के लिए महोबा से चुनाव का शंखनाद करना शुभ रहा है। सारे मिथक टूट गए हैं। कहा जाता था कि यूपी में दोबार सत्ता हासिल नहीं होती, लेकिन मोदी-योगी की जोड़ी ने सारे मिथक तोड़ दिए हैं।
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बृजभूषण राजपूत, राकेश गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आल्हा-ऊदल की नगरी वीरभूमि महोबा भाजपा के लिए शुभ रही है । 2017 की तरह भाजपा ने 2022 की जीत के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्य नाथ की अगुवाई में यहां से चुनाव का शंखनाद किया था।
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भाजपा ने एक बार फिर यूपी में भगवा परचम लहराया है। कार्यकर्ताओं में जीत से भारी उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को महोबा के पुलिस लाइन ग्राउंड में बड़ी रैली कर यूपी विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया था।

एक दशक से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना की सौगात देकर बुंदेलों का दिल जीतने की कोशिश की थी। योगी भी बुंदेलखंड में जल संकट दूर करने का वादा कर गए थे। पूरे पांच साल बुंदेलखंड में महोबा सरकार के केंद्र में रहा है। कई योजनाओं का यहीं आगाज किया है।
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महोबा से ही पीएम नरेंद्र मोदी  ने 10 अगस्त 2021 को देशभर में उज्जवला योजना 2.0 की सौगात दी थी। भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि भाजपा के लिए महोबा से चुनाव का शंखनाद करना शुभ रहा है।

सारे मिथक टूट गए हैं। कहा जाता था कि यूपी में दोबार सत्ता हासिल नहीं होती, लेकिन मोदी-योगी की जोड़ी ने सारे मिथक तोड़ दिए हैं। बुंदेलों ने भारतीय जनता पार्टी को मजबूत किया है।
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अन्ना मवेशियों की समस्या दूर होने की बंधी आस 
बुंदेलखंड ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में अन्ना मवेशियों का मुद्दा इस चुनाव में गरम रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस समस्या को दूर करने के लिए गोबर से आमदनी का रास्ता भी तैयार किया है। इससे किसानों को आस बंधी है कि सरकार अब पांच साल में इस समस्या पर गंभीरता से कार्य करेगी। 

नए उद्योग स्थापित करने की मांग 
बुंदेलखंड में पानी, पलायन, रोजगार प्रमुख समस्याएं रही हैं। इस बार सरकार नए उद्योग स्थापित लोगों को रोजगार  देगी जिससे रोजगार के साथ पलायन की समस्या दूर होगी। वहीं पत्थर मंडी कबरई को फिर से पहले की तरह संचालित करने की मांग है।
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