इस मामले में तत्कालीन एसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एसआईटी की संस्तुति पर उस समय तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की जांच चल रही है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक अम्बरीश कुमार यादव ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जनपद प्रतापगढ़ के थाना रानीगंज के तिवारीपुर निवासी राकेश कुमार सरोज महोबा में वर्ष 2020 में तत्कालीन निरीक्षक थे।
खुली जांच में पाया गया कि निरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय महोबा में प्रभारी निरीक्षक के पद पर कार्यरत रहते हुए वैद्य स्रोतों से 50 लाख 46 हजार 94 रुपये की आय अर्जित की जबकि एक करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपये व्यय किया गया। आय के सापेक्ष 78 लाख 13 हजार का अधिक व्यय पाया गया। जिसके संबंध में निरीक्षक कोई हिसाब नहीं दे सके। तहरीर के आधार पर कोतवाली महोबा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में राकेश कुमार सरोज मीडिया सेल कार्यालय एटा में तैनात बताए जा रहे हैं। कोतवाल बलराम सिंह का कहना है कि कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ करेगी।