पुलिस गिरफ्त में आरोपी कमल सिंह
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कोतवाली कुलपहाड़ के सीएचसी जैतपुर में तैनात सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी) की मौत का पुलिस ने खुलासा किया है। सीएचओ को एक युवक तीन साल से लगातार परेशान कर रहा था। अश्लील चैट और आपत्तिजनक फोटो के माध्यम से लगातार ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर सीएचओ ने आत्महत्या की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
हमीरपुर जिले के एक गांव की रहने वाली महिला सीएचओ का शव 28 अप्रैल को जैतपुर में किराए के कमरे में पंखे से दुपट्टे के फंदे पर लटकता मिला था। उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने सीएचसी जैतपुर में तैनात रहे डॉ. राजेश वर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के दौरान पुलिस को महिला सीएचओ के मोबाइल फोन से अहम सुराग हाथ लगे। मोबाइल कॉल, चैट व व्हाट्सएप पर हुई बातचीत में सामने आया कि उसकी जान पहचान तीन साल पहले हर्षबिहार, पूर्वी दिल्ली निवासी कमल सिंह से हुई थी। वर्तमान में कमल जनपद मथुरा के वना गांव में रहता है।
आरोपी कमल के पास सीएचओ की आपत्तिजनक फोटो व चैट थी। जिसके आधार पर वह उसे बार-बार ब्लैकमेल करता था। धमकी देता था कि यदि उससे बातचीत नहीं करेगी तो वह उसके होने वाले पति को सब कुछ बता देगा। घटना के एक दिन पहले 27 अप्रैल को दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत के दौरान विवाद हुआ था। जिसके बाद सीएचओ ने वीडियो कॉल के माध्यम से आत्महत्या की चेतावनी दी। आरोपी के उकसाने और फोन काटने के बाद महिला सीएचओ ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी।
कोतवाली प्रभारी कुलपहाड़ राधेश्याम वर्मा, स्वाट टीम प्रभारी शिवप्रताप सिंह व सर्विलांस प्रभारी रविकुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मुख्य आरोपी कमल सिंह को बागौल तिराहा से गिरफ्तार किया। जिसके पास से मोबाइल बरामद हुआ। इसमें वह मृतका से बातचीत और चैट करता था।
एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी की धमकी और ब्लैकमेलिंग से आहत होकर सीएचओ ने आत्महत्या की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी कमल का विवाह हो जाने के बाद दोनों के बीच काफी समय से तकरार थी। आरोपी सीएचओ को लगाकर ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपी के मोबाइल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। घटना का खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।