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इंद्रकांत हत्याकांड: पुलिस जांच में शामिल होगी एसआईटी रिपोर्ट

Mon, 28 Sep 2020 01:18 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मामले की जांच जिला पुलिस अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट को सामने रखकर करेगी। इससे संभावना जताई जा रही है कि जिला पुलिस की जांच कहीं खानापूूरी बनकर न रह जाए।
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इसके कारण भी हैं, क्योंकि एसआईटी के तथ्यों को पुलिस नकार नहीं सकेंगी। अगर ऐसा हुआ तो जिला पुलिस की जांच का भी रुख खुदकुशी की तरफ ही रहेगा। इंद्रकांत हत्याकांड में तीन सदस्यीय एसआईटी ने जांच की, जिसमें वाराणसी रेंज के आईजी विजय सिंह मीना मुखिया थे, जबकि डीआईजी शलभ माथुर और एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी टीम के सदस्य थे।

दो दिन पहले हत्याकांड के संबंध में हुई प्रेसवार्ता में एडीजी जोन प्रयागराज प्रेम प्रकाश ने जो तथ्य और साक्ष्य सामने रखें उससे इंद्रकांत त्रिपाठी के खुदकुशी करने की पुष्टि हो रही है। वहीं आरोपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर इंद्रकांत को प्रताड़ित करने और उगाही करने का आरोप सच साबित हो रहा।
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यही जांच रिपोर्ट सोमवार को एसआईटी शासन को सौंपेगी। दूसरी तरफ महोबा पुलिस भी मामले की तफ्तीश कर रही है। डीएसपी कालू सिंह जिला पुलिस की जांच के अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
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जब एसआईटी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगी, तब इसके लिए पत्र भेजा जाएगा। इंद्रकांत के मामले में कबरई थाने में हत्या का केस दर्ज है। एसआईटी की जांच में खुदकुशी की तरफ केस का रुख हो गया है। अगर इन तथ्यों को जिला पुलिस आधार बनाएगी तो अंजाम एक ही होने वाला है।

यानी कि पुलिस भी आत्महत्या की थ्योरी ही स्थापित करेगी। अगर इसके इतर हत्या के तथ्य आते हैं तो एसआईटी की जांच पर सवाल खड़े होंगे। लिहाजा एसआईटी की राह पर चलकर पुलिस खानापूरी ही कर पाएगी। वहीं जांच अधिकारी डीएसपी रैंक के हैं, जबकि एसआईटी में आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी थे, तो उनकी रिपोर्ट पर डीएसपी सवाल भी नहीं उठा पाएंगे।

आईपीएस की जांच डीएसपी को
केस में आईपीएस मणिलाल पाटीदार मुख्य आरोपी हैं। जांच डीएसपी कर रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर डीएसपी इसकी जांच कैसे करेंगे। अभी तक यही हुआ भी है। जांच अधिकारी मणिलाल पाटीदार को तो छोड़ो, आरोपी इंस्पेक्टर को भी पुलिस अभी तक तलाश नहीं सकी है।
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